Newzfatafatlogo

रुपये में गिरावट: निवेशकों की धारणा पर वैश्विक अनिश्चितताओं का असर

रुपये ने वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते बृहस्पतिवार को 19 पैसे की गिरावट के साथ 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे गिर गया। यह स्थिति दो महीने में पहली बार देखने को मिली है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप के बाद रुपये ने कुछ सुधार किया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी डॉलर की मजबूती रुपये में उतार-चढ़ाव का कारण बन रही हैं। जानें रुपये की वर्तमान स्थिति और बाजार के अन्य पहलुओं के बारे में।
 | 

रुपये की स्थिति में गिरावट

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों की कमजोर धारणा के कारण, रुपये ने बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 19 पैसे की गिरावट के साथ 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे गिर गया। यह दो महीने में पहली बार है जब रुपये ने इस स्तर को पार किया है। हालांकि, बाद में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप के चलते रुपये ने कुछ सुधार किया और 10 पैसे की बढ़त के साथ कारोबार करने लगा।


विदेशी मुद्रा बाजार की स्थिति

विदेशी मुद्रा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं और अमेरिकी डॉलर की ताकत भी बढ़ी है। ऐसे में रुपये में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 95.88 प्रति डॉलर से हुई।


रुपये की गिरावट का विवरण

शुरुआती कारोबार में रुपये 96.10 प्रति डॉलर तक गिर गया, जो पिछले बंद भाव से 19 पैसे की कमी दर्शाता है। यह 24 जुलाई के बाद पहली बार है जब रुपये ने 96 के स्तर को पार किया। हालांकि, कुछ समय बाद रुपये ने 95.81 के स्तर पर पहुंचकर 10 पैसे की बढ़त दिखाई।


पिछले सत्रों की स्थिति

बुधवार को रुपये ने तीन पैसे की गिरावट के साथ 95.91 पर बंद किया था, जिससे यह लगातार सातवें सत्र में गिरावट का सामना कर रहा है। पिछले छह सत्रों में रुपये में 148 पैसे या 1.4 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

चार सितंबर को रुपये का स्तर 94.43 प्रति डॉलर था। इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाता है, 0.10 प्रतिशत बढ़कर 100.07 पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 183.42 अंक की बढ़त के साथ 74,519.87 अंक पर और निफ्टी 71.45 अंक चढ़कर 23,288.65 अंक पर कारोबार कर रहा है।


तेल की कीमतों में बदलाव

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 105.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, लेकिन यह अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,032.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।