रुपये में गिरावट, ब्रेंट तेल की कीमतों का असर
रुपये की स्थिति और बाजार का प्रभाव
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने 30 पैसे की गिरावट के साथ 95.84 प्रति डॉलर का स्तर छू लिया। ब्रेंट कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 106 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के कारण तेल आयातकों की ओर से डॉलर की मांग में वृद्धि हुई है, जिससे भारत के बाहरी संतुलन और मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 95.84 प्रति डॉलर पर हुई, जो पिछले बंद भाव से 30 पैसे की कमी दर्शाता है। शुक्रवार को रुपये का बंद भाव 95.54 था। गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को विदेशी मुद्रा और शेयर बाजार बंद थे।
इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.21 प्रतिशत बढ़कर 99.60 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 1.19 प्रतिशत बढ़कर 106.94 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति में बाधा आने की आशंका के चलते यह वृद्धि हुई है।
शेयर बाजार में, सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 233.66 अंक की बढ़त के साथ 75,022.37 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 63.85 अंक बढ़कर 23,462.30 अंक पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 930.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
