रुपये में मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे की वृद्धि
रुपये की स्थिति
मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे की वृद्धि के साथ 94.94 (अस्थायी) पर पहुंच गया। घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती, राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण और पोर्टफोलियो निवेश के प्रवाह के चलते यह दो महीने के उच्चतम स्तर पर रहा। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, हाल ही में एमएससीआई से जुड़े निवेश प्रवाह ने रुपये को अस्थायी समर्थन प्रदान किया है।
आरबीआई का हस्तक्षेप
विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने घरेलू मुद्रा को समर्थन देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप किया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.06 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 94.79 से 95.10 के बीच रहा। अंततः यह 94.94 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 28 पैसे की बढ़त दर्शाता है।
आर्थिक आंकड़े और बाजार की स्थिति
सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे की वृद्धि के साथ 95.22 पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप और बेहतर आर्थिक आंकड़ों के कारण भारतीय रुपया मजबूत हुआ। हालांकि, घरेलू बाजार की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने रुपये की मजबूती को सीमित किया।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 1.97 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 92.27 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से रुपये पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, तनाव में कमी आने पर रुपये को समर्थन मिल सकता है।
शेयर बाजार की स्थिति
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 12.99 अंक की गिरावट के साथ 76,944.28 अंक पर और निफ्टी 24.60 अंक टूटकर 24,055.80 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 7,985.88 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
