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रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

सोमवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 24 पैसे की मजबूती दिखाई, जो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू शेयर बाजारों के सकारात्मक रुख का परिणाम है। हालांकि, डॉलर की मांग और डॉलर सूचकांक में मजबूती ने रुपये की बढ़त को सीमित किया। जानें इस स्थिति का क्या असर हो सकता है और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों के बारे में।
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रुपये की स्थिति में सुधार

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में कमी और घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के चलते, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने 24 पैसे की बढ़त के साथ 95.72 का स्तर छू लिया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया। हालांकि, तेल कंपनियों द्वारा डॉलर की निरंतर मांग और डॉलर सूचकांक में मजबूती ने रुपये की बढ़त को सीमित किया।


अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपये ने 95.86 पर शुरुआत की और फिर बढ़ते हुए 95.72 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 24 पैसे की वृद्धि को दर्शाता है। इससे पहले शुक्रवार को, रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.96 पर बंद होकर 7 पैसे की गिरावट दर्ज की थी। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 100.31 पर कारोबार कर रहा था।


वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा में 2.10 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे इसकी कीमत 101.69 डॉलर प्रति बैरल हो गई। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 599.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।