रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर
रुपये की स्थिति में सुधार
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में कमी और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की भावना में सुधार के चलते, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने 18 पैसे की बढ़त के साथ 95.78 पर बंद किया। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता की संभावनाओं ने भी बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीद से रुपये को मजबूती मिली।
घरेलू बाजारों का प्रभाव
घरेलू शेयर बाजारों में तेजी और अमेरिकी बॉंड पर प्रतिफल में कमी ने भी रुपये को सहारा दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 95.86 प्रति डॉलर से हुई, और कारोबार के दौरान यह 95.72 प्रति डॉलर के उच्च स्तर तक पहुंचा। अंत में, रुपये ने 95.78 प्रति डॉलर पर बंद होकर पिछले बंद भाव से 18 पैसे की बढ़त दर्ज की।
विश्लेषकों की राय
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीद से वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार हो सकता है, जिससे रुपये में मामूली मजबूती की संभावना है। हालांकि, ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन को गिराने की खबर से जोखिम धारणा प्रभावित हो सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
सऊदी अरब से आपूर्ति बढ़ने की संभावना भी कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है, जो रुपये के लिए सकारात्मक हो सकता है। चौधरी ने अनुमान लगाया कि रुपये का हाजिर भाव 95.55 से 96.05 के बीच रह सकता है। इस बीच, डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत बढ़कर 100.32 पर कारोबार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा में 2.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.71 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 564.03 अंक बढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.90 अंक की बढ़त के साथ 23,414.30 अंक पर रहा। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने 576.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
विदेशी मुद्रा भंडार में कमी
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.92 अरब डॉलर घटकर 780.78 अरब डॉलर रह गया, जो विदेशी मुद्रा और स्वर्ण भंडार में कमी के कारण हुआ।
