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रुपये में मजबूती, डॉलर के मुकाबले 95.12 पर पहुंचा

रुपये ने सोमवार को डॉलर के मुकाबले 31 पैसे की बढ़त के साथ 95.12 का स्तर प्राप्त किया। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्णय ने रुपये को मजबूती दी। जानें और क्या कारण हैं जो रुपये को समर्थन दे रहे हैं और शेयर बाजार की स्थिति कैसी है।
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रुपये की मजबूती का कारण

मुंबई, तीन अगस्त: सोमवार को रुपये ने शुरुआती कारोबार में 31 पैसे की बढ़त के साथ 95.12 प्रति डॉलर का स्तर छू लिया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले को टालने के निर्णय के चलते डॉलर में कमजोरी आई, जिससे घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के समर्थन से रुपये को मजबूती मिली।


रुपये का विनिमय दर

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, डॉलर के मुकाबले रुपये की शुरुआत 95.15 पर हुई। इसके बाद रुपये ने 95.12 प्रति डॉलर का स्तर प्राप्त किया, जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे की वृद्धि को दर्शाता है। रुपये ने शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की थी और 95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।


डॉलर सूचकांक और शेयर बाजार की स्थिति

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत गिरकर 99.74 पर आ गया। घरेलू शेयर बाजारों में, सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 470.06 अंक की बढ़त के साथ 78,564.70 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 150 अंक की वृद्धि के साथ 24,532.95 अंक पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 5.0 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.66 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।


विदेशी निवेशकों की गतिविधि

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 277.48 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।