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रुपये में मजबूती, डॉलर के मुकाबले 95.43 पर बंद

रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले सात पैसे की बढ़त के साथ 95.43 पर समापन किया। यह वृद्धि विदेशी पूंजी के निवेश और भारतीय रिजर्व बैंक के समर्थन से हुई। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने रुपये की गति को प्रभावित किया। जानें इस विषय पर विशेषज्ञों की राय और बाजार की स्थिति के बारे में।
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रुपये की स्थिति

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को रुपये ने डॉलर के मुकाबले सात पैसे की बढ़त के साथ 95.43 पर समापन किया। यह वृद्धि विदेशी पूंजी के निवेश में बढ़ोतरी और भारतीय रिजर्व बैंक के समर्थन के कारण हुई। हालांकि, विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते रुपये की गति पर असर पड़ा है।


व्यापार का विश्लेषण

रुपया अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में 95.40 पर खुला और दिन के दौरान 95.25 से 95.46 के बीच कारोबार किया। अंत में, यह पिछले बंद भाव से सात पैसे की वृद्धि के साथ 95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बृहस्पतिवार को रुपये ने अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.50 पर समापन किया था।


विशेषज्ञों की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने बताया कि इस सप्ताह रिजर्व बैंक की डॉलर की बिक्री से रुपये में मजबूती आई है। उन्होंने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीदारी भी रुपये की स्थिरता में योगदान दे रही है। पिछले तीन दिनों में, एफपीआई ने 7,360 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।


वैश्विक बाजार की स्थिति

इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.28 प्रतिशत बढ़कर 100.14 पर पहुंच गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.42 प्रतिशत बढ़कर 89.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 166.49 अंक की वृद्धि के साथ 78,094.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 66.45 अंक बढ़कर 24,383.60 अंक पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध खरीदार बने रहे।


शेयर बाजार में गतिविधियाँ

शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध रूप से 277.48 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।