Newzfatafatlogo

रुपये में हल्की बढ़त, विदेशी पूंजी निकासी का दबाव

रुपये ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की बढ़त दिखाई, लेकिन विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और अंतरराष्ट्रीय तेल की ऊंची कीमतों के चलते बाजार में दबाव बना हुआ है। घरेलू शेयर बाजार में भी गिरावट देखी गई है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और आगे की संभावनाएं।
 | 

रुपये की स्थिति और विदेशी मुद्रा बाजार

मुंबई, 8 अक्टूबर: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप के बीच, रुपये ने बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की वृद्धि के साथ 96.65 पर कारोबार किया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते रुपये पर दबाव बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और सितंबर में 7.86 अरब डॉलर के उच्च स्तर से केवल तीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 50 अरब डॉलर की कमी ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया है।


अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपये ने 96.71 प्रति डॉलर पर शुरुआत की, लेकिन बाद में संभलकर 96.65 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 10 पैसे की बढ़त दर्शाता है। बुधवार को रुपये का बंद भाव 96.75 प्रति डॉलर था।


इस बीच, अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 102.25 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 2.17 प्रतिशत बढ़कर 102.37 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाओं के कारण हुआ।


घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 264.97 अंक की गिरावट के साथ 72,408.15 अंक पर और निफ्टी ने 87.50 अंक की कमी के साथ 22,507.65 अंक पर कारोबार किया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 6,121.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।