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लार्सन एंड टुब्रो को मिली बड़ी बिजली परियोजनाएं, रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ेगी

लार्सन एंड टुब्रो ने भारत और विदेशों में बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए महत्वपूर्ण ठेके प्राप्त किए हैं। ये परियोजनाएं सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने में मदद करेंगी। कंपनी की तकनीकी क्षमता और वैश्विक उपस्थिति का लाभ उठाते हुए, ये ठेके बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। जानें कैसे ये परियोजनाएं भारत में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करेंगी।
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बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम

भारत की बिजली प्रणाली को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने के लिए लार्सन एंड टुब्रो को महत्वपूर्ण ठेके प्राप्त हुए हैं। कंपनी के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन विभाग ने भारत और अन्य देशों में लगभग 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये के कई बड़े इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण ठेके हासिल किए हैं। इस संबंध में कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को जानकारी दी।


परियोजनाओं का विस्तार

इन परियोजनाओं का कार्य भारत के साथ-साथ सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में किया जाएगा। इनका मुख्य उद्देश्य बिजली वितरण ढांचे को मजबूत करना, बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने की क्षमता में वृद्धि करना और नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पन्न बिजली को मुख्य ग्रिड तक पहुंचाना है।


सऊदी अरब में ठेके

सऊदी अरब में लार्सन एंड टुब्रो को 380 किलोवोल्ट के पारेषण और उपकेंद्रों से संबंधित कई ठेके मिले हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से वहां बिजली पहुंचाने की क्षमता में वृद्धि होगी और नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पन्न बिजली को ग्रिड से जोड़ने में सहायता मिलेगी। कंपनी का मानना है कि इससे सऊदी अरब की बिजली पारेषण प्रणाली को मजबूती मिलेगी।


यूएई में परियोजनाएं

संयुक्त अरब अमीरात में, कंपनी को 132/11 किलोवोल्ट के उपकेंद्र बनाने और उनसे जुड़े केबल बिछाने का कार्य सौंपा गया है। यह परियोजना वहां की बिजली वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायक होगी। उपकेंद्र बिजली को विभिन्न स्तरों पर सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


भारत में ठेका

भारत में, कंपनी ने विशाखापत्तनम के लिए एक प्रमुख निजी क्षेत्र की कंपनी से बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम स्थापित करने का ठेका प्राप्त किया है। इसके अंतर्गत बिजली की लाइनों और उपकेंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य बिजली को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए आवश्यक ढांचे का निर्माण करना है।


बिजली की मांग में वृद्धि

भारत में बिजली की मांग में वृद्धि के साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विशेष रूप से सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के कारण, बिजली उत्पादन स्थलों से दूर के क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने के लिए नई लाइनों और उपकेंद्रों की आवश्यकता बढ़ी है। इस कारण पावर ट्रांसमिशन से जुड़े ठेकों में तेजी देखी जा रही है।


कंपनी की तकनीकी क्षमता

लार्सन एंड टुब्रो के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन विभाग के कार्यकारी उपाध्यक्ष जोजी सेबेस्टियन ने कहा कि ये ठेके कंपनी की तकनीकी क्षमता और विभिन्न देशों में जटिल बिजली परियोजनाओं को पूरा करने की क्षमता को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी अपनी तकनीक, परियोजना पूर्ण करने की क्षमता और वैश्विक उपस्थिति का उपयोग कर रही है।


कंपनी की स्थिति

लार्सन एंड टुब्रो भारत की प्रमुख निर्माण और इंजीनियरिंग कंपनियों में से एक है, जो बिजली, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक परियोजनाओं में लंबे समय से कार्यरत है। सोमवार, 5 अक्टूबर को सुबह 9:42 बजे कंपनी के शेयर राष्ट्रीय शेयर बाजार में 3,733.40 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। नए ठेकों से कंपनी के बिजली कारोबार की परियोजना पाइपलाइन को मजबूती मिलने की उम्मीद है, और आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा तथा बिजली नेटवर्क के विस्तार की मांग इसका महत्वपूर्ण आधार बनी रहेगी।