लार्सन एंड टुब्रो ने एआई ढांचे के लिए 15,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर प्राप्त किया
लार्सन एंड टुब्रो ने भारत में एआई ढांचे के निर्माण के लिए 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर प्राप्त किया है। यह परियोजना चेन्नई में स्थापित होने वाले एक बड़े एआई केंद्र से संबंधित है, जिसमें एनवीडिया बी300 ग्राफिक्स प्रोसेसर का उपयोग किया जाएगा। इस केंद्र का उद्देश्य एआई तकनीक को विकसित करना और भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है। जानें इस परियोजना के बारे में और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
| Aug 13, 2026, 22:02 IST
भारत में एआई के क्षेत्र में लार्सन एंड टुब्रो का नया कदम
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग के बीच, लार्सन एंड टुब्रो, जो कि देश की प्रमुख बुनियादी ढांचा कंपनी है, ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने हाल ही में घोषणा की कि उसे देश के सबसे बड़े एकल परिसर वाले एआई ढांचे के निर्माण का ऑर्डर मिला है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 10,000 करोड़ रुपये से 15,000 करोड़ रुपये के बीच है।
एआई केंद्र की स्थापना
जानकारी के अनुसार, लार्सन एंड टुब्रो अपनी एआई ढांचा इकाई, एलटीएन कंप्यूट, और डेटा सेंटर व्यवसाय वायोमा एआई के माध्यम से चेन्नई में यह सुविधा स्थापित करेगी। यहां एनवीडिया बी300 पर आधारित एक एआई केंद्र का निर्माण किया जाएगा, जो अमेरिका की कंपनी टुगेदर एआई के कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्लाउड प्लेटफॉर्म के लिए कार्य करेगा।
बड़े स्तर पर एआई केंद्र का महत्व
हालांकि कंपनी ने ऑर्डर की सटीक राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये के बीच का ठेका एक बड़ा ऑर्डर माना जाता है। इस परियोजना के माध्यम से, लार्सन एंड टुब्रो पहली बार बड़े पैमाने पर एआई केंद्र के कारोबार में प्रवेश कर रही है।
एनवीडिया ग्राफिक्स प्रोसेसर का उपयोग
इस केंद्र में 10,000 एनवीडिया बी300 ग्राफिक्स प्रोसेसर लगाए जाएंगे, जो बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण, सुधार और संचालन में सहायक होंगे। कंपनी का मानना है कि यह सुविधा भारत में एआई से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक तकनीकी विकास में भी योगदान देगी।
भविष्य की संभावनाएं
चेन्नई स्थित वायोमा एआई परिसर को बड़े पैमाने पर एआई ढांचे के लिए तैयार किया गया है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता 250 मेगावाट है। बिजली से संबंधित ढांचे की क्षमता 150 मेगावोल्ट-एम्पियर है, जिससे भविष्य में और अधिक एआई सुविधाओं को जोड़ने की संभावना बनी रहेगी।
कंपनी के दृष्टिकोण
लार्सन एंड टुब्रो के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एसएन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि एआई अब लगभग सभी उद्योगों का एक अनिवार्य हिस्सा बनता जा रहा है, और ऐसे केंद्र इस परिवर्तन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि टुगेदर एआई के लिए एनवीडिया बी300 आधारित केंद्र की स्थापना कंपनी के एआई ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
एआई सेवाओं का विकास
एलटीएन कंप्यूट देश में बड़े डेटा केंद्र, क्लाउड सेवाएं, एआई केंद्र और ग्राफिक्स प्रोसेसर आधारित सेवाएं विकसित कर रही है, जिनका उपयोग सरकार, बड़ी कंपनियों, क्लाउड सेवा प्रदाताओं और एआई से जुड़े नए व्यवसायों द्वारा किया जाएगा।
वैश्विक स्तर पर एआई का विकास
टुगेदर एआई के सह-संस्थापक और सीईओ विपुल वेद प्रकाश ने कहा कि एआई को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है, और लार्सन एंड टुब्रो इस आवश्यकता को समझती है। इस परियोजना से भारत में एआई के लिए आवश्यक तकनीकी ढांचे का विकास होगा और देश को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने की उम्मीद है।
