विप्रो के वित्तीय परिणाम: मुनाफे में गिरावट, लेकिन आय में वृद्धि
विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की है, जिसमें मुनाफे में गिरावट और आय में मामूली वृद्धि देखी गई है। कंपनी ने प्रति शेयर 2 रुपये का अंतरिम लाभांश देने का निर्णय लिया है। सीईओ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग से नए अवसरों की बात की है। निवेशकों की नजर अब दूसरी तिमाही के प्रदर्शन पर है।
| Jul 16, 2026, 19:31 IST
विप्रो के वित्तीय नतीजे
भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों का खुलासा किया है। हाल की जानकारी के अनुसार, कंपनी के मुनाफे में पिछली तिमाही की तुलना में कमी आई है, जबकि कुल आय में हल्की वृद्धि देखी गई है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 2 रुपये का अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है।
तिमाही के मुनाफे में कमी
अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में विप्रो का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 3,352 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 3,502 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, तिमाही आधार पर मुनाफे में लगभग 4.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। बाजार के विशेषज्ञों ने भी मुनाफे में कमी की भविष्यवाणी की थी, लेकिन वास्तविक आंकड़े अपेक्षा से थोड़े कमजोर रहे।
आय में वृद्धि, लेकिन लाभ में कमी
कंपनी की परिचालन आय 24,236 करोड़ रुपये से बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये हो गई, जो लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। हालांकि, परिचालन लाभ में कमी आई है, जो 4,181 करोड़ रुपये से घटकर 3,829 करोड़ रुपये रह गया। लाभ का अनुपात भी 17.2 प्रतिशत से घटकर 15.6 प्रतिशत पर आ गया है।
निवेशकों के लिए लाभांश
कंपनी ने प्रति शेयर 2 रुपये का अंतरिम लाभांश देने का निर्णय लिया है, जिसके लिए 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड तिथि निर्धारित की गई है। लाभांश का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक किया जाएगा, जिससे कंपनी ने अपने निवेशकों के प्रति विश्वास बनाए रखने का प्रयास किया है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी का बयान
कंपनी के सीईओ श्रीनी पल्लिया ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग से नए व्यापारिक अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह तकनीक बाजार को सीमित करने के बजाय उसका विस्तार कर रही है। कंपनी के पास नए व्यापार के लिए मजबूत प्रस्ताव हैं और भविष्य में इनसे लाभ मिलने की उम्मीद है।
बड़े कारोबारी समझौते
पहली तिमाही के दौरान, विप्रो ने 13 बड़े कारोबारी समझौते किए हैं। कंपनी ने प्रौद्योगिकी और संचार क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है, जबकि बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र में दूसरी तिमाही के दौरान सुधार की उम्मीद है। हालांकि, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र में मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है।
भविष्य की संभावनाएं
कंपनी ने दूसरी तिमाही के लिए भी अनुमान जारी किया है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं से होने वाली आय में सीमित उतार-चढ़ाव की संभावना जताई गई है। प्रबंधन का मानना है कि अगले कुछ महीनों में कारोबार धीरे-धीरे बेहतर स्थिति की ओर बढ़ सकता है।
कर्मचारियों की संख्या और शेयर बाजार का प्रदर्शन
तिमाही के अंत तक कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या लगभग 2.43 लाख रही, जबकि कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की वार्षिक दर 13.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। नतीजों से पहले, शेयर बाजार में विप्रो के शेयर में तेजी देखी गई और कारोबार समाप्त होने तक कंपनी का शेयर लगभग 1.7 प्रतिशत बढ़कर 177.61 रुपये पर बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर दूसरी तिमाही के प्रदर्शन और कंपनी की भविष्य की कारोबारी रणनीति पर है।
