विमान ईंधन में एथनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं: नागर विमानन मंत्री
नागर विमानन मंत्री का स्पष्टीकरण
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि विमान ईंधन (एटीएफ) में एथनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि हवाई यात्रा से संबंधित सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी फैलाने से यात्रियों में अनावश्यक चिंता उत्पन्न होती है। यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार एटीएफ में एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है।
केजरीवाल का दावा और नायडू की प्रतिक्रिया
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सूत्रों के अनुसार, नरेंद्र मोदी सरकार विमान ईंधन में एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।" इस पर नायडू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "विमान ईंधन में एथनॉल मिलाने का दावा पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना है। ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि हवाई यात्रा की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
एथनॉल और पर्यावरण अनुकूल ईंधन में अंतर
मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि एथनॉल और पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन एक-दूसरे से अलग हैं और इन्हें एक साथ नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एसएएफ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित विमानन ईंधन है, जिसे अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह कई देशों द्वारा अपनाया गया है और इसे कड़े परीक्षणों से गुजरना पड़ता है, जो वैश्विक सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।
