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वेदांता लिमिटेड का लाभ 71.8% बढ़ा, पहली तिमाही में 5,473 करोड़ रुपये

वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 71.8% की लाभ वृद्धि के साथ 5,473 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। धातु की कीमतों में वृद्धि और रुपये की विनिमय दर में गिरावट ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी ने परिचालन आय में भी 53.6% की वृद्धि की है। इसके अलावा, अरुण मिश्रा को एक वर्ष के लिए सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया है। जानें कंपनी के भविष्य की योजनाओं और वित्तीय प्रदर्शन के बारे में।
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वेदांता लिमिटेड का वित्तीय प्रदर्शन

धातु और खनन उद्योग की प्रमुख कंपनी, वेदांता लिमिटेड, ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ में 71.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो 5,473 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस लाभ में वृद्धि का मुख्य कारण धातु की कीमतों में उछाल, रुपये की विनिमय दर में गिरावट और बिक्री में वृद्धि है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 3,185 करोड़ रुपये था।


कंपनी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को सूचित किया कि इस तिमाही में परिचालन आय 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24,205 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 15,754 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 17,558 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 13,203 करोड़ रुपये था। वेदांता लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक, अरुण मिश्रा ने कहा, 'हमने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत एक मजबूत प्रदर्शन के साथ की है।'


डीमर्जर के बाद, वेदांता के सभी कारोबार खंडों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हमारे समग्र संचालन में निरंतरता, परिसंपत्तियों की मजबूती, उत्पादन में वृद्धि, लागत दक्षता और मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित करने का परिणाम है।


कंपनी ने यह भी बताया कि वित्तीय लागत में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि तिमाही आधार पर इसमें पांच प्रतिशत की कमी आई। इसके अलावा, निदेशक मंडल ने अरुण मिश्रा की कार्यकारी निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है। उन्हें एक अगस्त, 2026 से एक वर्ष के लिए कंपनी का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भी नामित किया गया है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। निदेशक मंडल ने कंपनी के रियल एस्टेट कारोबार को अलग करने के लिए भी मंजूरी दी है।