Newzfatafatlogo

वैश्विक बाजारों में सुधार: अमेरिका-ईरान तनाव में कमी का असर

सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की उम्मीद ने वैश्विक बाजारों का माहौल सकारात्मक बना दिया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी के संकेत मिले हैं। भारतीय शेयर बाजार ने भी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और निवेशकों की प्रतिक्रिया के बारे में।
 | 

अमेरिका-ईरान तनाव में कमी का प्रभाव

सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी की उम्मीद ने वैश्विक बाजारों का माहौल सकारात्मक बना दिया। कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ, अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी के संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार खुलने से पहले प्रमुख सूचकांकों के वायदा कारोबार में बढ़त दर्ज की गई, जिससे वॉल स्ट्रीट पर नवंबर की शुरुआत सकारात्मक रहने की संभावना बढ़ गई।


अमेरिकी बाजारों में तेजी

भारतीय समयानुसार शाम करीब 5:45 बजे नैस्डैक 100 के वायदा कारोबार में 0.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एसएंडपी 500 के वायदा भाव 0.43 प्रतिशत और डाउ जोंस के वायदा भाव 0.47 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे। इस सुधार का एक मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत और कूटनीतिक समाधान के लिए समय देने की इच्छा से संबंधित खबरें थीं। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और तेल की आपूर्ति में बाधा आने की आशंका कम हुई।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक गिरकर 109 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। पश्चिम एशिया दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, और यहां तनाव बढ़ने पर तेल की आपूर्ति और समुद्री मार्गों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, बातचीत की संभावनाओं के चलते कीमतों पर दबाव आया है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट राहत की बात है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।


तकनीकी कंपनियों में निवेशकों का भरोसा

सोमवार को एआई और तकनीकी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों का विश्वास बढ़ा। इंटेल के शेयरों में 0.2 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई, जबकि शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में 1980 के दशक के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट आई थी। इंटेल ने आने वाली तिमाही के लिए बाजार की अपेक्षाओं से कम आय का अनुमान लगाया है।


एशियाई और यूरोपीय बाजारों की स्थिति

एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्केई 225 गिरावट में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कारोबार के दौरान तेजी बनी रही।


भारतीय शेयर बाजार में लगातार बढ़त

भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का विश्वास बढ़ा। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1,233.25 अंक यानी 1.66 प्रतिशत उछलकर 75,692.78 पर बंद हुआ, जो 7 सितंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। एनएसई निफ्टी भी 387.70 अंक यानी 1.68 प्रतिशत बढ़कर 23,440.80 पर पहुंच गया, जो 5 सप्ताह से अधिक समय का सबसे ऊंचा स्तर है।