शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे अमेरिकी फेडरल रिजर्व और वैश्विक घटनाक्रम
आगामी सप्ताह में शेयर बाजार की संभावनाएं
अवकाश के चलते कम कारोबारी सत्रों वाले अगले सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर निर्णय, घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया में चल रही घटनाओं से प्रभावित होगी। सोमवार को 'गणेश चतुर्थी' के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेंगे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने बताया कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़ी घटनाएं और ब्रेंट क्रूड की कीमतें बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगी। इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर निर्णय और ब्याज दरों के भविष्य के रुख पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि घरेलू मोर्चे पर अगस्त के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़े, साथ ही बेरोजगारी और व्यापार संतुलन के आंकड़े भी चर्चा में रहेंगे।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा कि इस समय अमेरिकी मुद्रास्फीति और फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मुद्रास्फीति के जोखिमों के कारण वैश्विक बॉण्ड प्रतिफल और डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है।
इसलिए, 15-16 सितंबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक इस सप्ताह का एक प्रमुख वैश्विक कारक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ा बाहरी जोखिम बना हुआ है। यदि पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई व्यवधान आता है और कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है, आयात बिल में वृद्धि हो सकती है, रुपये पर दबाव आ सकता है और कंपनियों के लाभ में कमी आ सकती है। पिछले सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 1,733.67 अंक या 2.26 प्रतिशत गिरा, जबकि एनएसई निफ्टी में 499.6 अंक या 2 प्रतिशत की कमी आई।
