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शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट

मंगलवार को शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा, जब सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट आई। शुरुआती तेजी के बाद, बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी बॉंड यील्ड में वृद्धि ने चिंता बढ़ाई। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
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शेयर बाजार में निवेशकों को झटका


मंगलवार को शेयर बाजार में निवेशकों को एक बड़ा झटका लगा। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआत में मजबूती दिखाई, लेकिन थोड़ी देर बाद स्थिति बदल गई। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से 1349 अंक नीचे गिर गया, जबकि निफ्टी भी 440 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।


बाजार का रुख अचानक बदला

शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार पिछली गिरावट से उबर सकता है। लेकिन लगभग एक घंटे बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 74,087 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 23,576 के उच्च स्तर से 440 अंक गिरकर 23,152 पर पहुंच गया।


कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है, जिससे महंगाई की आशंका ने निवेशकों का विश्वास कमजोर किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।


अमेरिकी बॉंड यील्ड का प्रभाव

भारतीय बाजार पर दबाव डालने वाला एक और कारण अमेरिका से जुड़ा हुआ है। सोमवार को 10 साल की अमेरिकी बॉंड यील्ड 5 फीसदी तक पहुंच गई, जो अक्टूबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। इसे वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। इसके अलावा, पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा।


India VIX में वृद्धि, प्रमुख शेयरों में गिरावट

बाजार में घबराहट का संकेत India VIX से भी मिलता है, जो लगभग 6 फीसदी बढ़कर 13 के पार चला गया। IT इंडेक्स को छोड़कर अधिकांश प्रमुख सेक्टरों में दबाव देखा गया। BEL, IndiGo, Bajaj Finserv, Adani Ports, SBI, Titan, Bajaj Finance, Asian Paints, M&M और Trent जैसे बड़े शेयरों में गिरावट आई, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।