शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों में चिंता का माहौल
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
नई दिल्ली में गुरुवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिका में सरकारी बॉंड पर बेहतर रिटर्न की खबरों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। 24 सितंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,248 अंक यानी 1.67 प्रतिशत गिरकर 73,581 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 384 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की कमी आई, जो 23,063 पर पहुंच गया।
बिकवाली का मुख्य कारण
इस दिन बैंकिंग, मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली हुई। कच्चे तेल की कीमतें सौ डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने और ईरान तथा अमेरिका के बीच तनाव के कारण होर्मुज की खाड़ी बंद होने की आशंका ने तेल की सप्लाई को प्रभावित करने का डर पैदा किया है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता ने शेयर बाजार को लगातार नीचे धकेल दिया।
अमेरिकी बॉंड यील्ड का प्रभाव
अमेरिका में बॉंड यील्ड में वृद्धि भी निवेशकों की चिंता का एक और कारण है। पिछले 10 वर्षों में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.11 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। जब निवेशक बॉंड बेचते हैं, तो उनकी कीमत घटती है और यील्ड बढ़ जाती है, जिससे डॉलर में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है। इससे विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका में निवेश करने लगते हैं।
बीमा कंपनियों पर असर
इसके अलावा, बीमा नियामक संस्था आईआरडीएआई के प्रस्तावित बदलावों से बीमा कंपनियों की कमाई में कमी आ सकती है। इसका असर बीमा, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर भी पड़ा। बीमा कंपनी पीबी फिनटेक में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व भी दबाव में रहे। भारतीय शेयर बाजार में आई इस तेज बिकवाली के कारण निवेशकों की संपत्ति में चार लाख करोड़ रुपए की कमी आई है।
