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शेयर बाजार में यूपीआई टैक्स में बदलाव: आशीष चौहान का बयान

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सीईओ आशीष चौहान ने यूपीआई टैक्स में संभावित बदलावों पर चर्चा की है। नए टैक्स ढांचे के तहत कुछ लेनदेन पर 0.02% टैक्स लगाया जाएगा, जो 15 अक्टूबर से लागू होगा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश लेनदेन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जानें इस बदलाव का शेयर बाजार और ग्राहकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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यूपीआई टैक्स में संभावित बदलाव

आने वाले दिनों में शेयर बाजार और डिजिटल भुगतान से जुड़े ग्राहकों के लिए टैक्स व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकता है। इस संदर्भ में, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि नए यूपीआई टैक्स पर सरकार के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है। उनके अनुसार, यह मुद्दा मुख्य रूप से दलाल कंपनियों और उनके ग्राहकों के बीच है, और दोनों पक्ष इसे सुलझा सकते हैं।


आशीष चौहान का बयान

आशीष चौहान ने यह जानकारी 24 सितंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की शेयर बाजार में शुरुआत के बाद पत्रकारों से बातचीत में साझा की। उन्होंने बताया कि नया टैक्स ढांचा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा लागू किया गया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दलाल कंपनियां और उनके ग्राहक इस बदलाव के बाद किस प्रकार की व्यवस्था बनाते हैं।


नया व्यापारी छूट दर ढांचा

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने यूपीआई लेनदेन के लिए नया व्यापारी छूट दर ढांचा पेश किया है। इसके अंतर्गत पूंजी बाजार से जुड़े कुछ लेनदेन पर 0.02% टैक्स लगाया जाएगा, जिसमें शेयर दलालों, प्रतिभूतियों और म्यूचुअल फंड से संबंधित भुगतान शामिल हैं। हालांकि, हर लेनदेन पर इस टैक्स की अधिकतम सीमा 300 रुपये निर्धारित की गई है। यह नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी।


डिजिटल भुगतान पर प्रभाव

इस बदलाव का शेयर बाजार से जुड़े डिजिटल भुगतान पर प्रभाव पड़ सकता है। अब तक यूपीआई के उपयोग पर टैक्स व्यवस्था काफी हद तक बिना टैक्स वाली रही है। नई दर लागू होने के बाद पूंजी बाजार से जुड़े कुछ भुगतान पर टैक्स लगेगा, लेकिन यह टैक्स सीधे ग्राहक से लिया जाएगा या इसका भार दलाल कंपनी उठाएगी, यह संबंधित व्यवस्था पर निर्भर करेगा।


वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण

वित्त मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इस बदलाव से लगभग 96% व्यक्ति से व्यापारी लेनदेन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, ग्राहकों से सीधे व्यापारी छूट दर वसूलने की व्यवस्था नहीं है, जिसका अर्थ है कि सामान्य यूपीआई उपयोगकर्ताओं के रोजमर्रा के कई भुगतान पहले की तरह बिना अतिरिक्त टैक्स के जारी रहेंगे।


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की शुरुआत

आशीष चौहान की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने लंबे इंतजार के बाद शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की है। 24 सितंबर को इसके शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 1,800 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्टेड हुए, जबकि इसका आईपीओ मूल्य 1,785 रुपये था। पहले कारोबारी दिन शेयर 1,818 रुपये पर बंद हुए।


आईपीओ की जानकारी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के लगभग 22,561.57 करोड़ रुपये के आईपीओ में मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी की बिक्री की गई थी, जिसमें करीब 12.64 करोड़ शेयर शामिल थे। निर्गम के लिए हर शेयर की कीमत 1,700 रुपये से 1,785 रुपये के बीच तय की गई थी।


भविष्य की संभावनाएं

यूपीआई टैक्स में बदलाव और एक्सचेंज की हालिया शेयर बाजार में शुरुआत, दोनों ही वित्तीय बाजार से जुड़े पक्षों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। आशीष चौहान के बयान से यह संकेत मिलता है कि टैक्स का प्रभाव कैसे संभाला जाएगा, इस पर अंतिम व्यवस्था दलाल कंपनियों और उनके ग्राहकों के बीच तय होने की संभावना है। अगले कुछ हफ्तों में इस पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।