शेयर बाजार में सुधार: निवेशकों की खरीदारी से मिली मजबूती
शेयर बाजार की शुरुआत
मंगलवार को शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ शुरुआत की, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार बढ़ा, निवेशकों की सक्रिय खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की। शुरुआती गिरावट के बाद, सेंसेक्स लगभग 300 अंक की रिकवरी के साथ अपने निचले स्तर से उबर गया, जबकि निफ्टी भी 24,100 के ऊपर लौट आया। इससे निवेशकों का विश्वास कुछ हद तक पुनर्स्थापित हुआ है।
बाजार की स्थिति
सुबह लगभग 11:15 बजे, सेंसेक्स 291.12 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,325.27 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसी समय, निफ्टी 80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की कमी के साथ 24,131 अंक पर बना हुआ था। हालांकि, शुरुआती गिरावट के मुकाबले दोनों प्रमुख सूचकांकों में अच्छी रिकवरी देखने को मिली।
शुरुआती गिरावट
शेयर बाजार की शुरुआत में, सेंसेक्स 614.82 अंक गिरकर 77,001.58 अंक तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 172.90 अंक फिसलकर 24,038.10 अंक के स्तर तक आ गया था। इसके बाद, कम कीमत पर खरीदारी शुरू होने से बाजार में सुधार का माहौल बन गया।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुधार का मुख्य कारण कम कीमत पर निवेशकों की खरीदारी है। शुरुआती गिरावट के बाद, कई मजबूत कंपनियों के शेयर आकर्षक स्तर पर पहुंच गए, जिससे निवेशकों ने खरीदारी का अवसर देखा और बाजार को सहारा मिला।
वायदा और विकल्प अनुबंध
मंगलवार को वायदा और विकल्प अनुबंधों की साप्ताहिक समाप्ति भी थी। ऐसे दिनों में कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव वाला रहता है, क्योंकि कई कारोबारी अपने पुराने सौदों को बंद करते हैं या नए सौदे करते हैं। इस कारण दिनभर बाजार में तेज हलचल देखने को मिली।
निफ्टी का तकनीकी स्तर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर इस समय बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी आधार बना हुआ है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा कि 24,300 और 24,000 का दायरा बाजार की आगे की दिशा तय करेगा। यदि निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो यह 24,530 तक पहुंच सकता है। वहीं, अगर 24,000 का स्तर टूटता है, तो सूचकांक 23,800 के स्तर तक दोबारा आ सकता है।
निवेशकों की नजर
फिलहाल, निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतों के साथ कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है। आने वाले कारोबारी सत्रों में इन्हीं कारकों के आधार पर बाजार की अगली दिशा तय होने की संभावना है।
