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शैले होटल्स का 2029-30 तक 5,500 कमरों का लक्ष्य

शैले होटल्स लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2029-30 तक अपने कमरों की संख्या को 5,500 तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। कंपनी अपने पारंपरिक संपत्ति-स्वामित्व मॉडल से आगे बढ़कर तीसरे पक्ष द्वारा संचालित होटल और फ्रैंचाइजी संपत्तियों को जोड़ने की योजना बना रही है। इसके तहत, 1,200 से 1,300 नए कमरे अथिवा ब्रांड के तहत विकसित किए जाएंगे। जानें इस विस्तार की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में।
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शैले होटल्स का विस्तार योजना

नई दिल्ली, 6 सितंबर - आतिथ्य उद्योग की प्रमुख कंपनी शैले होटल्स लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2029-30 तक अपने कमरों की संख्या को लगभग 5,500 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। शैले होटल्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्वेतांक सिंह ने बताया कि कंपनी अपने पारंपरिक संपत्ति-स्वामित्व मॉडल से आगे बढ़कर इस विस्तार की योजना बना रही है। यह कदम शैले के व्यावसायिक मॉडल में आए बदलाव को दर्शाता है।


कंपनी अब तीसरे पक्ष द्वारा संचालित होटल, फ्रैंचाइजी संपत्तियों और अपने स्वयं के ‘अथिवा’ ब्रांड के तहत होटल को जोड़कर इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आगामी परियोजनाओं के तहत, 1,200 से 1,300 कमरे अथिवा ब्रांड के तहत विकसित किए जा रहे हैं। सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा, 'अब हम केवल परिसंपत्ति-स्वामित्व मॉडल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तीनों मॉडल पर एक साथ काम कर रहे हैं।'


हमारे पास रिट्ज-कार्लटन जैसी संपत्तियां होंगी, जो तीसरे पक्ष द्वारा संचालित हैं, ताज जैसी फ्रेंचाइजी संपत्तियां होंगी और हमारे अपने ब्रांड अथिवा के तहत भी संपत्तियां रहेंगी। कंपनी के आगामी पोर्टफोलियो में दिल्ली हवाई अड्डे पर 380 कमरों वाला ताज होटल शामिल है, जिसमें से लगभग 70 कमरे चालू वित्त वर्ष के अंत तक खुलने की उम्मीद है। रिट्ज-कार्लटन हैदराबाद, हयात रीजेंसी ऐरोली और उदयपुर होटल के वित्त वर्ष 2028-29 में शुरू होने की संभावना है।


हाल ही में घोषित पुणे येरवडा परियोजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, कंपनी के पास लगभग 3,389 कमरे परिचालन में हैं और उसने लगभग 2,300 नए कमरों की आगामी परियोजनाओं की घोषणा की है, जिससे उसके कुल पोर्टफोलियो में कमरों की संख्या बढ़कर लगभग 5,500 हो जाएगी।


सिंह ने कहा कि वाणिज्यिक रियल एस्टेट में विस्तार के बावजूद, आतिथ्य क्षेत्र ही कंपनी का मुख्य आधार बना रहेगा।