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सरकार ने एलआईसी में हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया शुरू की

केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। यह बिक्री पेशकश दो चरणों में होगी, जिसमें पहले दिन गैर-खुदरा निवेशकों और दूसरे दिन खुदरा निवेशकों के लिए आवेदन की सुविधा होगी। सरकार को इस प्रक्रिया से लगभग 31 हजार करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। एलआईसी का वर्तमान बाजार मूल्य 5.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, और यह कदम सरकारी खजाने को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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एलआईसी में हिस्सेदारी बिक्री का ऐलान

केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। सरकार 6.5 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी दो दिन की बिक्री पेशकश के माध्यम से बेचेगी, जिससे उसे लगभग 31 हजार करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। इस कदम से एलआईसी को सार्वजनिक हिस्सेदारी से संबंधित बाजार नियामक के नियमों का पालन करने में भी मदद मिलेगी।


बिक्री पेशकश की प्रक्रिया

इस बिक्री पेशकश को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले दिन गैर-खुदरा निवेशकों के लिए आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि दूसरे दिन खुदरा निवेशक भी इसमें भाग ले सकेंगे। प्रति शेयर की न्यूनतम कीमत 382 रुपये निर्धारित की गई है।


हिस्सेदारी की बिक्री का विवरण

सरकार पहले चरण में 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है, साथ ही 4 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी उपलब्ध है, जिसे ग्रीन शू विकल्प कहा जाता है। यदि निवेशकों से अच्छी मांग आती है, तो सरकार कुल 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने में सक्षम हो सकती है।


बाजार मूल्य और रणनीति

न्यूनतम कीमत बाजार मूल्य से लगभग 10 प्रतिशत कम रखी गई है। सोमवार को बंबई शेयर बाजार में एलआईसी का शेयर 424.35 रुपये पर बंद हुआ था, जिससे यह छूट वाली कीमत निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।


एलआईसी की सार्वजनिक हिस्सेदारी

इस बिक्री के बाद, एलआईसी सार्वजनिक हिस्सेदारी से जुड़ी न्यूनतम सीमा के करीब पहुंच जाएगी। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एलआईसी को 16 मई 2027 तक कम से कम 10 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। वर्तमान में, केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 96.5 प्रतिशत है।


पिछले सार्वजनिक निर्गम का संदर्भ

सरकार ने 2022 में एलआईसी का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम भी जारी किया था, जिसमें 902 रुपये से 949 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची गई थी। उस निर्गम से सरकार ने लगभग 21 हजार करोड़ रुपये जुटाए थे, लेकिन उसके बाद एलआईसी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।


एलआईसी का महत्व

वर्तमान में, एलआईसी का कुल बाजार मूल्य 5.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है और भारतीय वित्तीय क्षेत्र में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। लाखों निवेशकों और पॉलिसीधारकों का भरोसा इस संस्था पर है।


सरकार की विनिवेश रणनीति

सरकार विनिवेश के माध्यम से राजस्व बढ़ाने की अपनी रणनीति पर लगातार कार्य कर रही है। चालू वित्त वर्ष में अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की सात कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया से प्राप्त राशि के जरिए सरकार 21,082 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। इस प्रकार, एलआईसी की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे सरकारी खजाने को मजबूती मिलने की उम्मीद है।