सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की आपूर्ति को सामान्य किया
सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, छोटे उद्योगों और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करते हुए नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को सामान्य करने का निर्णय लिया है। पश्चिम एशिया में उत्पन्न भू-राजनीतिक संकट के कारण लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध अब लगभग समाप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी धीरे-धीरे बहाल की जा रही है।
व्यवसायों को राहत
इस निर्णय से उन हजारों व्यवसायों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पिछले कुछ महीनों से गैस आपूर्ति में कमी के कारण प्रभावित हो रहे थे। अब होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पहले की तरह एलपीजी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रतिबंधों का कारण
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर प्रभाव के कारण, सरकार ने घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता को प्राथमिकता दी थी। इसी वजह से व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र के लिए एलपीजी की आपूर्ति पर अस्थायी नियंत्रण लगाया गया था।
उस समय आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत C3 और C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स का उपयोग पेट्रोकेमिकल उद्योगों की बजाय एलपीजी उत्पादन के लिए किया गया, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
फैसले में बदलाव का कारण
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देश में एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ा है और आयातित एलपीजी की उपलब्धता भी पहले से बेहतर हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, संकट के दौरान बंद की गई बल्क एलपीजी आपूर्ति को अब पूर्व स्तर की खपत के लगभग 50 प्रतिशत तक बहाल किया जा रहा है।
उद्योगों को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को फिर से पेट्रोकेमिकल और अन्य आवश्यक उद्योगों को आवंटित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित न हो और देश में प्रतिदिन कम से कम 40 हजार मीट्रिक टन एलपीजी उत्पादन जारी रहे। इसके लिए सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) को नई आवंटन व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
