सरकार ने प्राकृतिक गैस की कीमत सीमा बढ़ाई, कंपनियों को मिलेगी राहत
नई कीमत सीमा का ऐलान
नई दिल्ली, चार अक्टूबर: सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी के केजी-डी6 ब्लॉक जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों से निकाली गई प्राकृतिक गैस की अधिकतम कीमत सीमा को बढ़ाकर 9.89 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दिया है। यह संशोधित मूल्य सीमा एक अक्टूबर, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक प्रभावी रहेगी। पहले यह सीमा 8.90 डॉलर प्रति इकाई थी।
गैस उत्पादन पर प्रभाव
यह परिवर्तन गहरे समुद्र, अत्यधिक गहरे समुद्र और उच्च दबाव एवं तापमान वाले क्षेत्रों से निकाली गई गैस पर लागू होगा। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और ऑयल इंडिया लिमिटेड के पुराने क्षेत्रों से उत्पादित गैस की कीमत सात डॉलर प्रति इकाई पर स्थिर रहेगी। सरकार की नीति के अनुसार, इन कठिन क्षेत्रों से गैस निकालने वाली कंपनियों को विपणन और मूल्य निर्धारण की स्वतंत्रता दी गई है, लेकिन उनके लिए एक अधिकतम मूल्य सीमा निर्धारित की गई है।
कंपनियों को मिलेगी राहत
नई सीमा के बढ़ने से इन कंपनियों को राहत मिलने की संभावना है, क्योंकि इन क्षेत्रों में गैस का उत्पादन सामान्य और पुराने क्षेत्रों की तुलना में अधिक महंगा होता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के अनुसार, यह नई सीमा एक अक्टूबर, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक लागू रहेगी। ओएनजीसी और ओआईएल के नामित क्षेत्रों से निकाली गई गैस के लिए एपीएम (प्रशासित मूल्य तंत्र) की कीमत अक्टूबर में 11.22 डॉलर प्रति इकाई रहेगी।
एपीएम गैस की कीमत
हालांकि, वास्तविक कीमत की सीमा सात डॉलर प्रति इकाई पर बनी रहेगी। एपीएम गैस का मूल्य ओएनजीसी और ओआईएल के पुराने क्षेत्रों से निकाली गई गैस के लिए लागू होता है। इसका उपयोग शहर गैस वितरण, उर्वरक और बिजली जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में किया जाता है।
नए कुओं से गैस की कीमत
ओएनजीसी और ओआईएल के नए कुओं से निकाली गई गैस के लिए सरकार ने मौजूदा एपीएम दाम पर 10 प्रतिशत का ‘प्रीमियम’ देने की अनुमति दी है, लेकिन यह लागू सीमा के तहत होगा। अक्टूबर के लिए एपीएम दाम सात डॉलर प्रति इकाई तय करने से नए कुओं से गैस का दाम 7.70 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू होगा। सरकार ने अप्रैल, 2023 में पुराने गैस क्षेत्रों के लिए मूल्य निर्धारण की व्यवस्था में बदलाव किया था।
गैस की कीमतों का प्रभाव
इसके तहत गैस की कीमत को कच्चे तेल के आयात मूल्य के 10 प्रतिशत से जोड़ा गया, साथ ही न्यूनतम और अधिकतम कीमत की सीमा तय की गई। एपीएम गैस की अधिकतम कीमत अप्रैल, 2025 में बढ़ाकर 6.75 डॉलर और अप्रैल, 2026 में सात डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की गई। प्राकृतिक गैस उर्वरक उत्पादन में एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है।
घरेलू गैस की कीमतों पर असर
इसका उपयोग बिजली उत्पादन के साथ-साथ शहर गैस वितरण कंपनियों द्वारा सीएनजी और पाइप के माध्यम से घरों में आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) में भी किया जाता है। ऐसे में घरेलू गैस की कीमतों में बदलाव का असर इन क्षेत्रों की लागत पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, सरकार के इस निर्णय से कठिन और महंगे गैस क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियों को अधिक कीमत वसूलने की संभावना मिलेगी, जबकि ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के पुराने क्षेत्रों से मिलने वाली गैस की कीमत सीमा फिलहाल सात डॉलर प्रति एमएमबीटीयू पर बनी रहेगी।
