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सरकार ने यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए शुल्क मुक्त लेन-देन की घोषणा की

सरकार ने यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें सामान्य ग्राहकों को भुगतान के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि छोटे दुकानदारों को भी इस राहत का लाभ मिलेगा। हालांकि, बड़े व्यापारियों के लिए शुल्क की सीमा बाद में तय की जाएगी। यूपीआई की बढ़ती लोकप्रियता और इसके उपयोग में वृद्धि के साथ, सरकार ने डिजिटल भुगतान को और अधिक सुलभ बनाने का प्रयास किया है।
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नई दिल्ली में वित्त मंत्री की घोषणा


नई दिल्ली: यूपीआई का उपयोग करने वाले ग्राहकों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सामान्य उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी इस राहत का लाभ मिलेगा। बड़े व्यापारियों के लिए शुल्क की सीमा बाद में निर्धारित की जाएगी।


आम ग्राहकों के लिए यूपीआई रहेगा मुफ्त

सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजने या दुकानदार को भुगतान करने वाले सामान्य ग्राहकों पर कोई एमडीआर शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि रोजमर्रा की खरीदारी, बिल भुगतान या किसी को पैसे भेजने के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। छोटे व्यापारियों को भी इस शुल्क से बाहर रखा गया है।


सरकार का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को आम जनता के लिए सरल और सुलभ बनाना है। जुलाई 2026 में यूपीआई के माध्यम से 2,366 करोड़ से अधिक लेन-देन हुए, जिनकी कुल राशि लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये थी। यह आंकड़ा देश में डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।




बड़े कारोबारियों पर लग सकता है एमडीआर

सरकार के अनुसार, यदि भविष्य में एमडीआर लागू होता है, तो यह बड़े व्यापारियों तक सीमित रहेगा, जिनका सालाना कारोबार निर्धारित सीमा से अधिक होगा। हालांकि, इस सीमा को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। एनपीसीआई की संबंधित समिति इस पर दिशा-निर्देश तैयार करेगी।


एमडीआर वास्तव में व्यापारी से संबंधित भुगतान शुल्क है, जिसे ग्राहक से सीधे वसूला नहीं जाता। सरकार का तर्क है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत करने के लिए बैंकों और वित्तीय तकनीक कंपनियों को साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और तकनीकी ढांचे में निरंतर निवेश करना आवश्यक है।




यूपीआई की बढ़ती पहुंच और जरूरी सावधानी

वित्त मंत्री ने यूपीआई की बढ़ती पहुंच का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का रियल-टाइम भुगतान नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े सिस्टमों में से एक है। यूपीआई अब भारत के अलावा 11 देशों में भी उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, बढ़ते डिजिटल लेन-देन के साथ साइबर धोखाधड़ी का खतरा भी बना हुआ है।


इसलिए उपयोगकर्ताओं को चार्ज, रिफंड या केवाईसी के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों से सावधान रहना चाहिए। यूपीआई पिन, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। भुगतान से संबंधित जानकारी के लिए एनपीसीआई या बैंक के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करना बेहतर है।