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सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को स्थिर रखा

सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और अन्य लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार नौवीं तिमाही है जब इन दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र जैसी योजनाओं पर ब्याज दरें पहले की तरह बनी रहेंगी। जानें इन योजनाओं की ब्याज दरों के बारे में विस्तार से।
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लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं

सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) जैसी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। यह निर्णय एक जुलाई, 2026 से लागू होने वाली वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए लिया गया है। यह लगातार नौवीं तिमाही है जब इन दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें वही रहेंगी, जो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए निर्धारित की गई थीं।


अधिसूचना में बताया गया है कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर ब्याज दर 8.2 प्रतिशत बनी रहेगी, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी। लोकप्रिय पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत और डाकघर बचत जमा योजना पर चार प्रतिशत पर बनी रहेगी।


किसान विकास पत्र (केवीपी) पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत होगी, जिसमें किया गया निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा।


इसके अलावा, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दर 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी। डाकघर की मासिक आय योजना के निवेशकों को भी दूसरी तिमाही में 7.4 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा।


इन लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में अंतिम बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में बदलाव किया गया था, जिसके बाद से ये दरें लगातार स्थिर बनी हुई हैं।