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सरकार ने सिविल सेवाओं में एआई और डिजिटल तकनीक को प्राथमिकता दी

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने सिविल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक को प्राथमिकता दी है। मिशन कर्मयोगी के तहत, सिविल सेवकों को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने का प्रयास किया जा रहा है। यह योजना सरकारी कर्मचारियों को एआई और डिजिटल तकनीक में दक्ष बनाने के लिए बनाई गई है।
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केंद्रीय मंत्री का बयान

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को जानकारी दी कि सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सिविल सेवाओं की क्षमता को बढ़ाने को एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता के रूप में लिया है।


सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि ‘मिशन कर्मयोगी’ का मुख्य उद्देश्य सिविल सेवकों को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना है।


मिशन कर्मयोगी का महत्व

मिशन कर्मयोगी भारत में सिविल सेवाओं की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना है। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ‘इस दिशा में, एआई और डिजिटल तकनीक में सिविल सेवाओं की क्षमता को बढ़ाने और सरकारी कर्मचारियों को आवश्यक कौशल और ज्ञान से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।’


यह बयान उस सवाल के जवाब में आया था जिसमें पूछा गया था कि क्या सरकार ने एआई और डिजिटल तकनीकों में अपने कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए कोई नीति बनाई है।