सिस्को के CEO ने भारत की आर्थिक वृद्धि पर की चर्चा
भारत में सिस्को की रणनीति और विकास
(मौमिता बख्शी चटर्जी) नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर: अमेरिका की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी सिस्को के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चक रॉबिन्स ने बुधवार को बताया कि भारत की आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाली उनकी रणनीति सफल हो रही है, जो देश के जीडीपी आंकड़ों से स्पष्ट है। उन्होंने भारत को सिस्को के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बताया, यह कहते हुए कि देश का विशाल आकार, महत्वाकांक्षा, इंजीनियरिंग पर ध्यान और विनिर्माण क्षमता इसे विशेष बनाते हैं। रॉबिन्स ने एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कहा कि सिस्को भारत में अपने चिप डिजाइन टीम का विस्तार करने की योजना बना रही है।
उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में कंपनी की प्रगति को भी महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि सिस्को यूरोप और कनाडा में अपनी 'संप्रभु महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी' सेवाओं को शुरू करने के बाद, इन्हें भारत में भी लाने की योजना बना रही है। रॉबिन्स ने कहा, 'हमारे लिए सबसे बड़ा अवसर यहां अपने चिप डिजाइन दल का विस्तार करना है।'
वर्तमान में, सिस्को के पास इजराइल में पर्याप्त संसाधन हैं और अमेरिका में भी एक बड़ा दल है, जबकि भारत में इस दल का एक छोटा हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यहां विस्तार की बड़ी संभावनाएं हैं और हम इस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या कंपनी हाल में शुरू की गई 'सेमीकंडक्टर 2.0' पहल का लाभ उठाएगी, तो रॉबिन्स ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और कंपनी के पास आवश्यक ढांचा भी है।
उन्होंने कहा, 'यह प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें नियुक्त करने का मामला है।' 'सेमीकंडक्टर 2.0' पहल के तहत, सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहनों के साथ चिप डिजाइन क्षमताओं को भी बढ़ावा दिया जाता है। सिस्को के वैश्विक CEO ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने वाली रणनीति सफल हो रही है। उन्होंने कहा, 'यहां जीडीपी वृद्धि के जो आंकड़े हम देख रहे हैं, वे दर्शाते हैं कि यह रणनीति काम कर रही है।'
रॉबिन्स ने बताया कि अमेरिका सिस्को का सबसे महत्वपूर्ण बाजार है, लेकिन अमेरिका के बाहर भारत और पश्चिम एशिया कंपनी के अगले दो बड़े बाजार हैं। उन्होंने कहा, 'अमेरिका हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और फिलहाल यह हमारा सबसे बड़ा बाजार है। हालांकि, अमेरिका के बाहर पश्चिम एशिया और भारत हमारे लिए अगले दो बड़े बाजार हैं, जिन पर हम ध्यान दे रहे हैं। मुझे लगता है कि वृद्धि के सबसे अधिक अवसर इन्हीं बाजारों में हैं।'
रॉबिन्स ने कहा कि सिस्को विभिन्न बाजारों में वृद्धि देख रही है, लेकिन भारत का विशाल आकार, महत्वाकांक्षा, इंजीनियरिंग पर जोर और विनिर्माण क्षमता इसे लंबे समय से कंपनी के लिए एक रणनीतिक बाजार बनाते हैं और आगे भी बनाए रखेंगे।
