सीपीएसई के एमओयू स्कोर में नियमों की अनदेखी, कैग की रिपोर्ट में खुलासा
कैग की रिपोर्ट में सीपीएसई की स्थिति
भारत के प्रशासनिक मंत्रालयों और सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) ने कॉरपोरेट संचालन से संबंधित भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों का पालन न करने के बावजूद केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के ‘एमओयू स्कोर’ में कोई अंक नहीं काटे। यह जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है।
कैग द्वारा किए गए कॉरपोरेट संचालन की समीक्षा में 65 ऐसे सीपीएसई शामिल किए गए हैं, जिनके शेयर या बॉंड शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हैं। इसके अतिरिक्त, 36 सीपीएसई, जिनमें चार सांविधिक निगम भी शामिल हैं, के बॉंड या ऋणपत्र 31 मार्च 2024 तक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध रहेंगे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सात सीपीएसई में पूरे 2023-24 के दौरान या इसके कुछ हिस्सों में गैर-कार्यकारी निदेशकों की संख्या निदेशक मंडल की कुल संख्या का 50 प्रतिशत से कम थी।
महिला निदेशकों की कमी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 49 सीपीएसई में आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशक नहीं थे। इसके अलावा, सात सीपीएसई के निदेशक मंडल में कोई महिला निदेशक नहीं थी। शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल 16 सीपीएसई में 2023-24 के दौरान कोई महिला स्वतंत्र निदेशक नहीं थी। ‘एमओयू स्कोर’ एक प्रदर्शन मूल्यांकन मानक है, जिसका उपयोग भारत में सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के मूल्यांकन के लिए किया जाता है।
