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सीपीएसई के एमओयू स्कोर में नियमों की अनदेखी, कैग की रिपोर्ट में खुलासा

हाल ही में आई कैग की रिपोर्ट में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के एमओयू स्कोर में नियमों की अनदेखी का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई सीपीएसई ने सेबी के नियमों का पालन नहीं किया, फिर भी उनके स्कोर में कोई कटौती नहीं की गई। इसके अलावा, स्वतंत्र निदेशकों और महिला निदेशकों की कमी भी सामने आई है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।
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कैग की रिपोर्ट में सीपीएसई की स्थिति

भारत के प्रशासनिक मंत्रालयों और सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) ने कॉरपोरेट कार्यों से संबंधित भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों का पालन न करने के बावजूद केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के ‘एमओयू स्कोर’ में कोई अंक नहीं काटे। यह जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है। इस रिपोर्ट में 65 ऐसे सीपीएसई का विश्लेषण किया गया है, जिनके शेयर या बॉंड शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हैं।


रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 36 सीपीएसई, जिनमें चार सांविधिक निगम शामिल हैं, के बॉंड या ऋणपत्र 31 मार्च 2024 तक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध रहेंगे। इसके अलावा, सात सीपीएसई में पूरे 2023-24 के दौरान या इसके कुछ हिस्सों में गैर-कार्यकारी निदेशकों की संख्या निदेशक मंडल की कुल संख्या का 50 प्रतिशत से कम थी।


रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 49 सीपीएसई में आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशकों की कमी थी। इसके अलावा, सात सीपीएसई के निदेशक मंडल में कोई महिला निदेशक नहीं थी। शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों में से 16 सीपीएसई में 2023-24 के दौरान कोई महिला स्वतंत्र निदेशक नहीं थी। ‘एमओयू स्कोर’ सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा सीपीएसई का मूल्यांकन करने के लिए एक प्रदर्शन मानक है।