सीबीआईसी ने आयात के लिए मानकीकृत जांच-सूची जारी की
सीबीआईसी की नई जांच-सूची का उद्देश्य
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने हाल ही में एक मानकीकृत जांच-सूची जारी की है। यह सूची सीमा शुल्क अधिकारियों के लिए अनिवार्य है, ताकि वे सौंदर्य प्रसाधनों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आयात खेप को मंजूरी देने से पहले इसका पालन कर सकें।
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत इन उत्पादों के लिए आवश्यक लाइसेंस, अनुमति और पंजीकरण प्रमाणपत्रों के संबंध में कुछ अनिवार्य अनुपालनों को पूरा करना आवश्यक है।
जांच-सूची का विवरण
सीबीआईसी के परिपत्र के अनुसार, यह जांच-सूची केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा व्यापार को सुगम बनाने के लिए उठाए गए कदमों के अनुरूप है।
इन उत्पादों को सात श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें सौंदर्य प्रसाधन, एपीआई के रूप में दवाएं, तैयार दवा, व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात, और परीक्षण/विश्लेषण के लिए आयात शामिल हैं। चिकित्सा उपकरणों के आयात के लिए भी एक विशेष जांच-सूची बनाई गई है।
दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया
सीबीआईसी ने कहा है कि क्षेत्रीय कार्यालयों को माल को बाहर ले जाने की मंजूरी देते समय दस्तावेजों की जांच करने के लिए सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, कारोबारियों को तेजी से मंजूरी के लिए आवश्यक दस्तावेज ई-संचित पर साझा करने होंगे।
नांगिया ग्लोबल के अप्रत्यक्ष कर के कार्यकारी निदेशक शिवकुमार रामजी ने बताया कि यह परिपत्र चिकित्सा उपकरणों के आयात के लिए एक वस्तुनिष्ठ और जांच-सूची आधारित अनुपालन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
मंजूरी प्रक्रिया में सुधार
रामजी ने कहा कि मानकीकृत इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन प्रक्रिया के लागू होने से नौकरशाही अवरोध कम होंगे और मंजूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इससे माल के ठहरने का समय भी कम होगा, जिससे कंपनियों को भारी डेमरेज शुल्क से बचने में मदद मिलेगी।
एएमआरजी ग्लोबल के प्रबंध भागीदार रजत मोहन ने कहा कि सीबीआईसी ने मौजूदा सीडीएससीओ अनुपालन व्यवस्था को सीमा शुल्क मंजूरी प्रक्रिया में समेकित और मानकीकृत किया है।
