सेबी ने अदाणी समूह के खिलाफ आरोपों को खारिज किया
सेबी का निर्णय
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी और 11 अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (एमपीएस) और धोखाधड़ी के आरोपों को आगे बढ़ाने से मना कर दिया है। 28 सितंबर को जारी अंतिम आदेश में सेबी ने कहा कि वह यह साबित नहीं कर सका कि विनोद अदाणी का चार कंपनियों में निवेश करने वाले दो विदेशी फंडों पर नियंत्रण था। इस 81 पृष्ठ के आदेश में सेबी ने स्पष्ट किया कि उसकी जांच यह सिद्ध करने में असफल रही कि विनोद अदाणी ने इमर्जिंग इंडिया फोकस फंड्स (ईआईएफएफ) और ईएम रिसर्जेंट फंड (ईएमआर) के निवेश संबंधी निर्णयों को प्रभावित किया।
जांच के निष्कर्ष
सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि जांच में यह साबित नहीं हो सका कि विनोद अदाणी ने दोनों विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के निवेश संबंधी फैसलों पर नियंत्रण रखा। यह मामला न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (एमपीएस) से संबंधित था, जिसमें सूचीबद्ध कंपनियों में कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी सार्वजनिक शेयरधारकों के पास होनी चाहिए। सेबी ने कहा कि एमपीएस का उल्लंघन तब माना जाएगा जब सार्वजनिक शेयरधारकों के पास मौजूद शेयरों का वास्तविक स्वामित्व किसी प्रवर्तक या प्रवर्तक समूह के पास हो।
आरोपों की अस्वीकृति
आरोप यह था कि विनोद अदाणी ने निवेश संबंधी निर्णयों को निर्देशित करके उन शेयरों को नियंत्रित किया। सेबी ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य की आवश्यकता होती है, जो यह दर्शाए कि कोई व्यक्ति प्रबंधन या नीतिगत निर्णयों को सीधे निर्देशित करता है। केवल कारोबारी या वित्तीय संबंधों के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि विनोद अदाणी इन सभी पर नियंत्रण रखते हैं।
जुर्माना और निपटान
सेबी ने नासिर अली शाबान अहली और चांग चुंग-लिंग पर सही और पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के लिए 20-20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। तीसरे संबंधित पक्ष तेजल रमनलाल देसाई को इस आरोप में दोषी नहीं पाया गया। दोनों को जुर्माने का भुगतान आदेश मिलने के 45 दिन के भीतर करना होगा। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अन्य निदेशकों ने बिना किसी दोष को स्वीकार किए एमपीएस संबंधी कार्यवाही का निपटारा कर लिया था।
आदेश का प्रभाव
सेबी ने कहा कि सोमवार के आदेश से इस निपटान पर कोई असर नहीं पड़ा।
