सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की पुष्टि की
सेबी का आदेश और जांच प्रक्रिया
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और इसके चेयरमैन राजेश मेहता के खिलाफ पहले जारी अंतरिम निर्देशों की पुष्टि की है। ये निर्देश वित्तीय जानकारी में संभावित गलतबयानी और धन के संदिग्ध उपयोग से संबंधित हैं। सेबी ने कंपनी को सही वित्तीय जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है और मेहता पर कंपनी की प्रतिभूतियों में लेनदेन करने पर लगी रोक को बनाए रखा है.
जांच में सहयोग का निर्देश
सेबी ने 77 पृष्ठों के आदेश में कंपनी और मेहता को जांच में सहयोग जारी रखने और सभी आवश्यक दस्तावेज, सूचनाएं और स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। नियामक ने नवनियुक्त फॉरेंसिक ऑडिटर को जल्द से जल्द अपनी जांच पूरी करने के लिए कहा है। नोटिस प्राप्त करने वालों को भी समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी प्रदान करने का निर्देश दिया गया है.
पिछले आदेश का संदर्भ
यह आदेश सेबी द्वारा तीन जून, 2026 को जारी एकपक्षीय अंतरिम आदेश के बाद आया है। जांच में कंपनी के वित्तीय खुलासों और खातों के एकीकरण में कमी की चिंताएं सामने आई थीं। सेबी ने अप्रैल 2020 से मार्च 2024 तक की अवधि की जांच की थी.
शिकायत और वित्तीय विवरणों की कमी
यह जांच एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि व्यापार से प्राप्त बड़ी राशि दो साल से अधिक समय से बकाया थी। सेबी ने कहा कि कंपनी ने वैधानिक आवश्यकताओं के बावजूद अपनी अनुषंगी कंपनियों के वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराए।
गोपनीयता समझौतों का हवाला
कंपनी ने गोपनीयता समझौतों और स्विट्जरलैंड के कानूनों का हवाला देते हुए जानकारी साझा करने से इनकार किया। सेबी ने यह भी पाया कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपनी विदेशी सहायक कंपनियों से संबंधित आय को शामिल करके समेकित राजस्व को अधिक दिखाया था.
फॉरेंसिक ऑडिट में बाधाएं
सेबी ने तीन दिसंबर, 2024 को बीडीओ इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को फॉरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया था। हालांकि, कंपनी और अन्य नोटिस प्राप्तकर्ताओं ने अधूरी जानकारी दी और फॉरेंसिक ऑडिटर के साथ सहयोग नहीं किया, जिससे जांच में बाधा आई.
निष्कर्ष और प्रतिबंध
पुष्टि आदेश में कई मुद्दों की जांच की गई है, जिनमें वित्तीय विवरणों में गलतबयानी और धन के दुरुपयोग के मामले शामिल हैं। सेबी ने कहा कि नोटिस प्राप्तकर्ताओं ने पहले के आदेश में दर्ज निष्कर्षों का खंडन करने में असफल रहे हैं. सेबी ने मेहता को अगले आदेश तक राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की प्रतिभूतियों में किसी भी प्रकार का लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया है.
