सोने और चांदी की कीमतों में उछाल: जानें प्रमुख शहरों में रेट्स और भविष्यवाणी
सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि
नई दिल्ली: देशभर में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन वृद्धि देखी गई है। 11 जुलाई की सुबह, कई प्रमुख शहरों में सोने के भाव नए उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही चांदी की कीमतों में भी तेजी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और निवेशकों की बढ़ती खरीदारी के कारण कीमती धातुओं की मांग में इजाफा हुआ है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट है।
वैश्विक बाजार का प्रभाव
वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना लगभग 4,106.25 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। डॉलर की कमजोरी के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसका असर भारतीय सर्राफा बाजार में भी देखने को मिला, जहां पिछले कारोबारी सत्र में दिल्ली में सोने की कीमत में लगभग 400 रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई है।
प्रमुख शहरों में सोने के रेट
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,44,960 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,32,910 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का मूल्य 1,44,830 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,32,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
चेन्नई में सोना अन्य शहरों की तुलना में महंगा है, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत 1,45,650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पुणे और बेंगलुरु में भी सोने के भाव लगभग समान हैं, यहां 24 कैरेट सोना 1,44,830 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,32,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
भविष्य की कीमतों का अनुमान
HSBC ने सोने की कीमतों के बारे में नया अनुमान जारी किया है। बैंक के अनुसार, वर्ष 2026 में सोने की औसत कीमत लगभग 4,560 डॉलर प्रति औंस रहने की संभावना है। पहले यह अनुमान 4,864 डॉलर प्रति औंस था, जिसे अब संशोधित किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2027 में सोने की औसत कीमत लगभग 4,925 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। इस वर्ष के शेष महीनों में सोना 3,800 से 4,700 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर सकता है। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो वर्ष के अंत तक इसकी कीमत 4,750 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। अगले वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 5,025 डॉलर प्रति औंस तक जाने की संभावना है।
चांदी की कीमतों में भी वृद्धि
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी है। 11 जुलाई की सुबह घरेलू बाजार में चांदी का भाव लगभग 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर करीब 59.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, औद्योगिक मांग और निवेशकों की खरीदारी से प्रभावित होती हैं।
इसलिए, आने वाले दिनों में चांदी के दामों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग और आपूर्ति पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति, ब्याज दरें, वैश्विक आर्थिक माहौल, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की रणनीति भी इनकी कीमतों को प्रभावित करती हैं।
