सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: जानें आज के ताजा रुझान
वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर
नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में जल्दबाजी न करने के संकेतों के बीच, भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मिश्रित रुख देखने को मिल रहा है। मुनाफावसूली के चलते सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है, जबकि चांदी ने औद्योगिक मांग के चलते लगातार तीसरे सत्र में अपनी बढ़त बनाए रखी है।
सोने की कीमतों में गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा कारोबार में आज सुबह गिरावट देखी गई। अगस्त डिलीवरी वाला सोना 548 रुपये यानी 0.37 प्रतिशत की कमी के साथ 1,43,882 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इसका पिछला बंद भाव 1,44,430 रुपये था। सुबह लगभग 10:40 बजे, सोने की कीमत 633 रुपये की गिरावट के साथ 1,43,797 रुपये पर कारोबार कर रही थी। आज के सत्र में सोने ने 1,43,771 रुपये का न्यूनतम और 1,44,448 रुपये का अधिकतम स्तर छुआ।
चांदी की कीमतों में तेजी
इसके विपरीत, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी ने आज बेहतर प्रदर्शन किया। वैश्विक बाजारों में औद्योगिक मांग और विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती के कारण चांदी वायदा 0.84 प्रतिशत यानी लगभग 2,000 रुपये की बढ़त के साथ 2,32,339 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे उच्च स्तर पर पहुंच गई। बाद में यह 406 रुपये की बढ़त के साथ 2,30,790 रुपये पर ट्रेड कर रही थी। कारोबार के दौरान इसका न्यूनतम स्तर 2,30,513 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
भारत में सोने की कीमतें
दिल्ली और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत 14,394 रुपये, 22 कैरेट 13,196 रुपये और 18 कैरेट 10,800 रुपये प्रति ग्राम है। मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और केरल में 24 कैरेट सोना 14,379 रुपये, 22 कैरेट 13,181 रुपये और 18 कैरेट 10,785 रुपये प्रति ग्राम पर उपलब्ध है। चेन्नई में कीमतें सबसे ऊंची हैं, जहां 24 कैरेट सोना 14,619 रुपये, 22 कैरेट 13,401 रुपये और 18 कैरेट 11,161 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा है।
चांदी की मौजूदा दरें
आज चांदी की कीमत 2,45,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर है। भारतीय निवेशकों और आभूषण खरीदारों के बीच इसकी मांग हमेशा मजबूत रहती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां चांदी के गहनों का प्रचलन अधिक है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक औद्योगिक मांग और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बढ़ती खपत चांदी के अंतरराष्ट्रीय दामों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं।
