सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: जानें आपके शहर में क्या है रेट
सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण सोने और चांदी की कीमतों में फिर से बदलाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजार में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की कीमतें चर्चा का विषय बन गई हैं। भारत के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है, और निवेशक तथा खरीदार दोनों ही बाजार की गतिविधियों पर ध्यान दे रहे हैं।
13 जून को देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें भिन्न स्तरों पर हैं। नई दिल्ली में 24 कैरेट सोने का मूल्य 14,583 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट का 13,636 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट का 11,154 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं, मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 14,859 रुपये प्रति ग्राम है। 22 कैरेट सोने का मूल्य 13,621 रुपये और 18 कैरेट का 11,145 रुपये प्रति ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमतें अन्य शहरों की तुलना में अधिक हैं। यहां 24 कैरेट सोना 15,056 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 13,801 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,551 रुपये प्रति ग्राम बिक रहा है। कोलकाता में भी सोने की कीमतें मुंबई के समान हैं, जहां 24 कैरेट सोने का मूल्य 14,859 रुपये, 22 कैरेट का 13,621 रुपये और 18 कैरेट का 11,145 रुपये प्रति ग्राम है।
अन्य शहरों में सोने की कीमतें
अन्य राज्यों में भी कीमतें लगभग समान
बेंगलुरु, हैदराबाद और केरल जैसे प्रमुख बाजारों में भी सोने की कीमतें लगभग समान बनी हुई हैं। इन शहरों में 24 कैरेट सोना 14,859 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 13,621 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,145 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की दिशा और निवेशकों की मांग के आधार पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
चांदी की कीमतों में स्थिरता
चांदी की कीमतों में भी बनी हुई है मजबूती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। वर्तमान में देश में चांदी का भाव लगभग 260.10 रुपये प्रति ग्राम और 2,60,100 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। हालांकि चांदी की कीमतें सोने की तुलना में कम हैं, लेकिन निवेश और आभूषण दोनों क्षेत्रों में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। औद्योगिक उपयोग में चांदी की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण इसकी कीमतें केवल निवेश मांग पर निर्भर नहीं करती, बल्कि विनिर्माण और उत्पादन गतिविधियों पर भी निर्भर करती हैं।
