सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: जानें ताजा दरें
सोने और चांदी की कीमतों में हलचल
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में फिर से बदलाव आया है, जिससे निवेशकों और सामान्य खरीदारों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वैश्विक बाजार में तनाव और आर्थिक आंकड़ों में बदलाव ने कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतियों के प्रति अनिश्चितता ने सोने की मांग पर दबाव डाला है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजारों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
सोने की दरें
- नई दिल्ली में सोने की कीमत 15,591 रुपये (24 कैरेट), 14,015 रुपये (22 कैरेट) और 11,699 रुपये (18 कैरेट) प्रति ग्राम है।
- मुंबई में सोने की कीमत 15,273 रुपये (24 कैरेट), 14,000 रुपये (22 कैरेट) और 11,455 रुपये (18 कैरेट) प्रति ग्राम है।
- चेन्नई में सोने की कीमत 15,491 रुपये (24 कैरेट), 14,200 रुपये (22 कैरेट) और 11,910 रुपये (18 कैरेट) प्रति ग्राम है।
- कोलकाता में सोने की कीमत 15,273 रुपये (24 कैरेट), 14,000 रुपये (22 कैरेट) और 11,455 रुपये (18 कैरेट) प्रति ग्राम है।
- बेंगलुरु में सोने की दरें 15,273 रुपये (24 कैरेट), 14,000 रुपये (22 कैरेट) और 11,455 रुपये (18 कैरेट) हैं।
- हैदराबाद में सोने की दरें 15,273 रुपये (24 कैरेट), 14,000 रुपये (22 कैरेट) और 11,455 रुपये (18 कैरेट) हैं।
- केरल में सोने की दरें 15,273 रुपये (24 कैरेट), 14,000 रुपये (22 कैरेट) और 11,455 रुपये (18 कैरेट) हैं।
चांदी की कीमतें
भारत के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतों में थोड़ा भिन्नता देखने को मिली है। चेन्नई में चांदी की दर 10 ग्राम के लिए ₹2,700, 100 ग्राम के लिए ₹27,000 और 1 किलोग्राम के लिए ₹2,70,000 है। वहीं, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, वडोदरा, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना, नागपुर, चंडीगढ़ और सूरत में चांदी की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹2,650, 100 ग्राम के लिए ₹26,500 और 1 किलोग्राम के लिए ₹2,65,000 है।
हैदराबाद, केरल, कोयंबटूर, मदुरै, विजयवाड़ा और भुवनेश्वर में चांदी की दरें थोड़ी अधिक हैं, जहां 10 ग्राम ₹2,700, 100 ग्राम ₹27,000 और 1 किलोग्राम ₹2,70,000 पर स्थिर हैं।
कीमतों पर प्रभाव डालने वाले कारक
भारत में सोने की कीमतें केवल घरेलू मांग पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की मजबूती और आयात शुल्क भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। त्योहारों और शादी के मौसम में मांग बढ़ने से कीमतें बढ़ती हैं, जबकि वैश्विक अनिश्चितता के समय निवेशक सोने की ओर आकर्षित होते हैं।
