सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: 25 जून का बाजार विश्लेषण
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
25 जून को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई, जो उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो इन कीमती धातुओं पर नजर रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव के चलते, निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों की रुचि बढ़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा की है, जिसका असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा है। यहां सोना और चांदी दोनों कमजोर रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं।
एमसीएक्स पर सोने की स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना वायदा 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद भाव से कम था। कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, और यह दिन के निचले स्तर तक भी पहुंचा। दोपहर तक, पीली धातु अपने पिछले स्तर से कमजोर बनी रही, जिससे बाजार में सतर्कता का माहौल बना रहा।
चांदी की कीमतों में गिरावट
चांदी की कीमतों पर भी दबाव बना रहा। जुलाई वायदा चांदी की शुरुआत पिछले बंद स्तर से नीचे हुई और कारोबार के दौरान इसमें और गिरावट आई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता का असर चांदी के भाव पर भी पड़ा है, जिससे सफेद धातु पूरे दिन दबाव में रही।
दिल्ली से चेन्नई तक सोने के नए भाव
25 जून को नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना 14,447 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 13,244 रुपये और 18 कैरेट 10,839 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर रहा। मुंबई में 24 कैरेट सोना 14,432 रुपये, 22 कैरेट 13,229 रुपये और 18 कैरेट 10,824 रुपये प्रति ग्राम रहा। कोलकाता में भी लगभग यही दरें देखने को मिलीं, जबकि चेन्नई में सोने की कीमतें अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अधिक थीं।
दक्षिण भारत में सोने के नए रेट
चेन्नई में 24 कैरेट सोना 14,563 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 13,349 रुपये और 18 कैरेट 11,169 रुपये प्रति ग्राम रहा। वहीं, बेंगलुरु, हैदराबाद और केरल में 24 कैरेट सोने का भाव 14,432 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। इन शहरों में 22 कैरेट सोना 13,229 रुपये और 18 कैरेट सोना 10,824 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर बना रहा।
चांदी की कीमतों पर ध्यान
भारत में चांदी का मौजूदा भाव 244.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,44,900 रुपये प्रति किलोग्राम है। चांदी को निवेश और आभूषण दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी कीमत केवल निवेश मांग से ही नहीं, बल्कि औद्योगिक उपयोग और वैश्विक बाजार की गतिविधियों से भी प्रभावित होती है। यही कारण है कि चांदी के भाव में समय-समय पर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
