सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: क्या है इसके पीछे का कारण?
भारतीय सराफा बाजार में गिरावट
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार से मिले-जुले संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के कारण गुरुवार को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में सुस्ती के चलते घरेलू वायदा और हाजिर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी महंगाई दर के आंकड़ों के बाद निवेशक अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कच्चे तेल की कीमतों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों का भी बाजार पर प्रभाव पड़ रहा है। दिल्ली और मुंबई में चांदी की कीमत ₹255 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम रही।
सोने की कीमतों में कमी
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,528 प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव ₹14,235 और 18 कैरेट का ₹11,650 प्रति ग्राम है। मुंबई और केरल में 24 कैरेट सोना ₹15,513 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹14,220 प्रति ग्राम और 18 कैरेट ₹11,635 प्रति ग्राम पर स्थिर रहा।
चांदी की कीमतों में गिरावट
दिल्ली और मुंबई में चांदी की कीमत ₹255 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम रही। चेन्नई में चांदी की कीमत थोड़ी अधिक रही, जहां यह ₹260 प्रति ग्राम या ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम पर बिकी। वायदा बाजार में सोने का भाव ₹521 प्रति 10 ग्राम घटकर ₹1,54,361 पर आ गया, वहीं चांदी की कीमतों में ₹1,480 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई।
अमेरिकी आंकड़ों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी के कारण घरेलू कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक स्तर पर सोना 0.24 प्रतिशत गिरकर 4,456 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 0.14 प्रतिशत की कमी के साथ 65.61 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिका में हाल ही में आए महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने की कीमतें दो महीने के उच्च स्तर पर थीं। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के आगामी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों पर है, जो यह तय करेगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को कैसे संचालित करेगा।
कच्चे तेल की कीमतें और चांदी में 24 घंटे ट्रेडिंग
कीमती धातुओं की कीमतों पर कच्चे तेल के दामों का भी गहरा असर पड़ता है। मध्य पूर्व में तनाव के कारण यदि तेल की आपूर्ति में बाधा आती है, तो इससे वैश्विक महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक उच्च ब्याज दरों को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं, जिसका सीधा असर सोने और चांदी के निवेश पर पड़ेगा।
इस बीच, एक महत्वपूर्ण खबर यह है कि सीएमई ग्रुप सितंबर से चांदी के 100 औंस वाले फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में 24 घंटे ट्रेडिंग की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस फैसले से निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों के अनुसार अपनी रणनीति को तुरंत बदलने में मदद मिलेगी।
