सोने और चांदी के दामों में गिरावट: जानें क्या है कारण
सोने-चांदी के दामों में कमी
इस सप्ताह भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतें कम हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम होता है, तो सोने और चांदी की कीमतें और भी गिर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की सुस्ती का असर भारत के सर्राफा और वायदा बाजार पर भी देखने को मिला है।
सोने और चांदी के दामों में गिरावट
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 24 कैरेट सोने का 10 ग्राम का दाम इस सप्ताह 1672 रुपये घट गया, जबकि चांदी की कीमत 6476 रुपये प्रति किलो कम हो गई। सोमवार को 24 कैरेट सोने का दाम 1,44,532 रुपये था, जो शुक्रवार तक गिरकर 1,42,860 रुपये पर आ गया। इस प्रकार, पांच दिनों में सोने की कीमत में 1.15% की कमी आई। इसी तरह, चांदी का दाम भी 2,24,771 रुपये प्रति किलो से घटकर 2,18,295 रुपये पर आ गया।
कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह कमोडिटी बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में उतार-चढ़ाव जारी रहा। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में कुछ कमी आई है, लेकिन बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर को मजबूती दी है, जिससे सोने की मांग प्रभावित हुई है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्र में स्थायी युद्धविराम होता है, तो ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम होगा और वैश्विक निवेशकों का जोखिम उठाने का रुझान सुधरेगा, जिससे सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। तकनीकी स्तर पर, कॉमेक्स पर सोने के लिए 4,160-4,180 डॉलर प्रति औंस का स्तर प्रमुख प्रतिरोध माना जा रहा है, जबकि 4,090-4,070 डॉलर का स्तर मजबूत समर्थन है।
अमेरिका पर नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई और रोजगार संबंधी आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और यूएस डॉलर इंडेक्स की चाल पर रहेगी। यही कारक आगे सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
