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सोने की चमक बरकरार, चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। चांदी की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से 2.25 लाख रुपये प्रति किलो तक गिर चुकी हैं, जबकि सोने में तेजी आई है। जानें इसके पीछे के कारण और वैश्विक बाजार की स्थिति के बारे में।
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सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव


नई दिल्ली: हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। सोमवार को चांदी की कीमतें कमजोर रहीं, जबकि सोने ने हरे निशान में वापसी की। चांदी अब अपने उच्चतम स्तर से 2.25 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है। MCX पर चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई, हालांकि यह पहले की तुलना में धीमी रही। दिन के दौरान चांदी की कीमतें कभी बढ़ीं तो कभी गिरीं।


सुबह के कारोबार में, 4 दिसंबर को समाप्त होने वाली चांदी की कीमत 1,057 रुपये गिरकर 1,94,662 रुपये प्रति किलो पर आ गई, जबकि शुक्रवार को यह 1,95,719 रुपये पर बंद हुई थी। यदि हम उच्चतम स्तर से गिरावट की बात करें, तो यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाया था, और अब यह 2,25,386 रुपये सस्ती हो चुकी है।


वैश्विक बाजार में कमजोरी

वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 53 डॉलर प्रति औंस तक गिर गई है, जो नवंबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। अपने उच्चतम स्तर से यह लगभग 55% तक गिर चुकी है। चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, शेयर बाजार में भारी बिकवाली के कारण निवेशक टेक शेयरों के नुकसान की भरपाई के लिए सोना और चांदी बेच रहे हैं। इसके अलावा, मजबूत डॉलर, बढ़ती बॉंड यील्ड और मध्य पूर्व में तनाव ने भी चांदी पर दबाव डाला है।


सोने में मजबूती का संकेत

चांदी के विपरीत, सोने की कीमतों में आज तेजी देखी गई। MCX पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ओपनिंग से ही हरे निशान में रहा। सोने की कीमत 1,43,100 रुपये तक पहुंच गई, जबकि शुक्रवार को यह 1,42,024 रुपये पर बंद हुई थी। यानी यह लगभग 1,000 रुपये की बढ़त दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है, जबकि चांदी की औद्योगिक मांग में कमी के कारण इसकी कीमतें अधिक गिर रही हैं।