सोने-चांदी की कीमतों में तेजी: निवेशकों की बढ़ती रुचि
सोने और चांदी की कीमतों में उछाल
हाल ही में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। घरेलू बाजार में, सोने की कीमत पिछले सात कारोबारी सत्रों में 12,400 रुपये यानी लगभग 8.4 प्रतिशत बढ़ गई है। तीन अगस्त को सोने का भाव 1,47,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है.
चांदी की कीमतों में भी वृद्धि
बुधवार को चांदी की कीमत में भी तेजी आई, जो 4,000 रुपये बढ़कर 2,46,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका मूल्य 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। इस प्रकार, सोने के साथ-साथ चांदी में भी निवेशकों की रुचि बढ़ती हुई दिखाई दे रही है.
बढ़ती मांग के कारण
सोने की कीमतों में इस वृद्धि का मुख्य कारण निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती रुचि है। अमेरिका में महंगाई के नए आंकड़े जारी होने से पहले निवेशक बाजार में सतर्कता बरत रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव ने भी सोने और अन्य कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा दिया है.
विश्लेषकों की राय
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस मामलों के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिकी सरकारी बांड पर मिलने वाले प्रतिफल में कमी और डॉलर की स्थिरता ने सोने और चांदी की कीमतों को मजबूती प्रदान की है। हालांकि, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण तेजी सीमित भी रही.
महंगाई का प्रभाव
यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों का प्रभाव वहां की केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति पर पड़ सकता है। निवेशक यह देख रहे हैं कि महंगाई में लगातार दबाव बना हुआ है या उसमें कमी आ रही है। पेट्रोल की ऊंची कीमतें भी महंगाई की चिंता को बढ़ा सकती हैं और अमेरिकी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों को लेकर सावधानी बरतने के लिए मजबूर कर सकती हैं.
वैश्विक बाजार की स्थिति
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी देखी गई। हाजिर सोना 44.48 डॉलर यानी 1.02 प्रतिशत बढ़कर 4,412.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 2.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 66.23 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती रही। वैश्विक बाजार की चाल, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीद और भू-राजनीतिक तनाव घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं.
