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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का लखीमपुर खीरी में भव्य स्वागत और मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने लखीमपुर खीरी में भव्य स्वागत के दौरान मोदी सरकार की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने गौ संरक्षण और हिन्दू संस्कृति के मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। स्वामी ने गाय को माता मानने की आवश्यकता पर जोर दिया और मौजूदा सरकार की नीतियों की आलोचना की। जानें उनके संबोधन के मुख्य बिंदु और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का स्वागत

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का भव्य स्वागत किया गया। वे मैलानी और भीरा के बाद पलिया पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के संयोजक संजीव कुमार मुन्ना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया।


स्वामी का संबोधन

अपने संबोधन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और वर्तमान राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर आलोचनात्मक टिप्पणी की और कई मुद्दों पर सवाल उठाए। इससे पहले, स्वामी ने दोपहर 12 बजे मैलानी पहुंचकर श्रद्धालुओं से आशीर्वाद लिया।


गाय की स्थिति पर चिंता

स्वामी ने कहा कि यदि हम गाय को माता मानते हैं, तो मौजूदा सरकार में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हिन्दुओं की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। गाय की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि फाइलों में कुछ और और वास्तविकता में कुछ और है। उन्होंने सरकार को वोट देकर सत्ता में लाने की बात करते हुए कहा कि अब स्थिति अलग है।


राजनीति से दूरी

स्वामी ने यह भी कहा कि संतों और गुरुओं को राजनीति से दूर रहना चाहिए। गाय को माता का दर्जा देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी को गाय को माता मानना चाहिए। इस अवसर पर ओमवीर यादव, श्याम लाल यादव, जगदीश प्रसाद सहित कई लोग उपस्थित थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना मैलानी के उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह और हिमांशु सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।