हथकरघा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का विस्तार: राष्ट्रपति मुर्मू का बयान
हथकरघा क्षेत्र की संभावनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि देश का हथकरघा क्षेत्र रोजगार के लिए व्यापक संभावनाएं प्रस्तुत करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के माध्यम से इस क्षेत्र के उत्पादों को वैश्विक बाजारों में और अधिक पहुंचाया जा सकता है। मुर्मू ने 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में कहा कि इस क्षेत्र में लगभग 35 लाख लोग कार्यरत हैं, जिनमें से 25 लाख से अधिक महिलाएं हैं। उनका मानना है कि हथकरघा क्षेत्र देश के समावेशी विकास का एक मजबूत आधार बनेगा।
उन्होंने आगे कहा, "हथकरघा क्षेत्र केवल आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। डिजिटल प्लेटफार्मों और ई-कॉमर्स के जरिए भारतीय हथकरघा उत्पादों की वैश्विक पहचान को और मजबूत किया जा सकता है।" राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और अन्य हितधारकों के सहयोग से यह क्षेत्र भविष्य में और सशक्त होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने 'संत कबीर हथकरघा पुरस्कार' और 'राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार 2025' भी प्रदान किए।
इन पुरस्कारों के माध्यम से उत्कृष्ट बुनकरों और कारीगरों के योगदान को मान्यता दी जाती है।
