हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी, सरकार ने बातचीत का किया प्रस्ताव
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा दिन
गुरुग्राम और नूंह में निजी बिजली वितरण कंपनी को मंजूरी देने के खिलाफ शुरू हुई बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। राज्य के बिजली मंत्री अनिल विज ने बताया कि सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और उम्मीद जताई है कि कुछ घंटों में यह हड़ताल समाप्त हो जाएगी। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया है।
एचईआरसी के फैसले के खिलाफ हड़ताल
यह हड़ताल राज्य विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के हालिया निर्णय के विरोध में की गई है, जिसमें इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में मौजूदा सरकारी बिजली वितरण कंपनियों के साथ बिजली आपूर्ति का लाइसेंस दिया गया है। बृहस्पतिवार को लगभग 40,000 बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में बिजली, जल सेवाएं, औद्योगिक उत्पादन और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुईं।
सरकार की बातचीत की पेशकश
हरियाणा के बिजली मंत्री विज ने पंचकूला में संवाददाताओं से कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर चर्चा करने के लिए तैयार है, जिसमें बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108 के तहत कार्रवाई करना भी शामिल है। उन्होंने कहा, "यह मुद्दा लगभग सुलझ गया है।" उन्होंने हड़ताल के पहले दिन से ही कर्मचारी संगठनों के नेताओं से बातचीत की है और उन्हें सरकार के साथ चर्चा करने के लिए प्रेरित किया है।
मुख्यमंत्री का समर्थन
विज ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हड़ताल जल्द समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री और विज ने कहा कि राज्य सरकार एचईआरसी के आदेश के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखेगी।
बिजली संकट का प्रभाव
गुरुग्राम के कई क्षेत्रों में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली न आने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बिजली संकट के कारण कुछ इलाकों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई, क्योंकि बिजली न होने से पंप और बूस्टिंग स्टेशन काम नहीं कर रहे थे। कई आवासीय क्षेत्रों में इन्वर्टर और वैकल्पिक बिजली के इंतजाम भी कुछ घंटों में फेल हो गए।
औद्योगिक गतिविधियों पर असर
गुरुग्राम के सेक्टर-37, बसई, कादीपुर, उद्योग विहार और बेगमपुर खटोला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित होने की खबरें आई हैं। बिजली कर्मचारियों ने निजी कंपनी को वितरण की जिम्मेदारी सौंपे जाने का विरोध करते हुए चिंता जताई है कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बिजली महंगी हो सकती है।
