हेलिकॉप्टर सुरक्षा की समीक्षा की मांग, एफआईपी ने उठाई आवाज
उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर दुर्घटना के बाद सुरक्षा समीक्षा की आवश्यकता
मुंबई, दो नवंबर: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने सोमवार को नागर विमानन मंत्रालय से अनुरोध किया है कि उत्तराखंड में सभी वाणिज्यिक हेलिकॉप्टर ऑपरेटरों की सुरक्षा की तत्काल समीक्षा की जाए। यह मांग पिछले सप्ताह उत्तराखंड में हुई एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना के बाद उठी, जिसमें छह लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
पायलट संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू से मुलाकात का समय मांगा है। उनका उद्देश्य देश में हेलिकॉप्टर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करना है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब हेलिकॉप्टर सेवा संचालकों ने उत्तराखंड नागर विमानन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) द्वारा हर उड़ान में दो पायलटों की अनिवार्यता के नियम के खिलाफ चारधाम चार्टर सेवा को बंद कर दिया है। इस मुद्दे पर गतिरोध को हल करने के लिए प्राधिकरण ने चार नवंबर को एक नई बैठक बुलाई है।
एफआईपी ने तीर्थयात्रा सेवाओं में लगे परिचालकों के विमानों की उड़ान-योग्यता, परिचालन और नियमों के अनुपालन की समीक्षा करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही पायलटों के अनुभव, पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भरने की क्षमता, मौसम संबंधी मानकों और उड़ान मार्गों का पुनर्मूल्यांकन करने की भी आवश्यकता बताई गई है। संगठन ने हेलीपैड, यात्रियों की आवाजाही की व्यवस्था और दूरदराज के क्षेत्रों में खोज एवं बचाव सुविधाओं की भी समीक्षा करने का आग्रह किया है। एफआईपी ने कहा कि हिमालयी राज्यों में दूरदराज के स्थानों तक पहुंचने और आपात स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं आवश्यक हैं।
इसलिए, इन सेवाओं को हतोत्साहित करने के बजाय, उन्हें उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि हेलिकॉप्टर सुरक्षा केवल नए नियम बनाने या दुर्घटनाओं के बाद प्रतिबंध लगाने से नहीं सुनिश्चित की जा सकती। इसके लिए सक्षम पायलट, जिम्मेदार ऑपरेटर, प्रभावी नियामकीय निगरानी और उपयुक्त बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
एफआईपी ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रीय हेलिकॉप्टर सुरक्षा ढांचे के विकास में अपने अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता का योगदान देने के लिए तैयार है।
