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IELTS परीक्षा अब पूरी तरह कंप्यूटर आधारित, जानें महत्वपूर्ण बदलाव

भारत में IELTS परीक्षा अब पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित होने जा रही है। सितंबर 2026 से पेपर आधारित परीक्षा समाप्त हो जाएगी। इस बदलाव के तहत, छात्रों को केवल तीन बार पेपर आधारित परीक्षा देने का मौका मिलेगा। परीक्षा का पैटर्न वही रहेगा, लेकिन तकनीकी सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी। जानें इस बदलाव के पीछे का उद्देश्य और क्या हैं इसके लाभ।
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IELTS परीक्षा में नया बदलाव

पढ़ाई या नौकरी के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। भारत में इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (IELTS) की परीक्षा अब कंप्यूटर पर आयोजित की जाएगी। सितंबर 2026 से पेपर आधारित परीक्षा समाप्त हो जाएगी और इसके स्थान पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू होगी। यह परीक्षा अंग्रेजी भाषा की दक्षता का आकलन करने के लिए विश्वभर में मान्यता प्राप्त है।


पेपर आधारित परीक्षा के लिए अंतिम अवसर

जो छात्र IELTS की पेपर आधारित परीक्षा में भाग लेना चाहते हैं, उनके पास इस बदलाव से पहले केवल तीन अवसर होंगे। ये परीक्षाएं 25 जुलाई, 6 अगस्त और 22 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएंगी। इन तिथियों के बाद सभी IELTS परीक्षाएं पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित होंगी।


परीक्षा पैटर्न में कोई परिवर्तन नहीं

आईडीपी एजुकेशन के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा की विश्वसनीयता और अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखते हुए उम्मीदवारों को अधिक लचीलापन और प्रभावी परीक्षण अनुभव प्रदान करना है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि IELTS परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों के प्रकार, कठिनाई स्तर, मार्किंग प्रणाली या समग्र स्कोरिंग प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा।


सुविधाजनक परीक्षा अनुभव

IELTS परीक्षा की अवधि पहले की तरह 2.45 घंटे रहेगी। उम्मीदवार सुनने, लिखने और पढ़ने के सेक्शन कंप्यूटर पर ही करेंगे, जबकि स्पीकिंग टेस्ट पहले की तरह परीक्षक के सामने इंटरव्यू के माध्यम से होगा। कंप्यूटर आधारित परीक्षा से उम्मीदवारों को अधिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। लिस्निंग सेक्शन के लिए उम्मीदवार हेडफोन का उपयोग कर सकेंगे, जिससे उन्हें ऑडियो स्पष्ट रूप से सुनाई देगा और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। वहीं, राइटिंग सेक्शन टाइप करके किया जाएगा।


डिजिटल परिवर्तन की दिशा में कदम

आईडीपी के अनुसार, पूरी तरह से डिजिटल IELTS परीक्षा की ओर बढ़ना शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी आधारित मूल्यांकन को अपनाने के बढ़ते चलन के अनुरूप है। जैसे-जैसे दुनिया भर में परीक्षा प्रणालियां डिजिटल प्लेटफॉर्म अपना रही हैं, इस बदलाव से उम्मीदवारों को तेज, सुविधाजनक और तकनीकी आधारित परीक्षा का अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही, IELTS की विश्वसनीयता और मान्यता पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।