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IIT मद्रास के प्रोफेसर वी. बालाकृष्णन का अनोखा शिक्षण तरीका

IIT मद्रास के प्रोफेसर वी. बालाकृष्णन का शिक्षण तरीका अद्वितीय है। वे बिना किसी तकनीकी उपकरण के, केवल चॉक के साथ क्लास में आते हैं और फिजिक्स के जटिल कॉन्सेप्ट्स को सरलता से समझाते हैं। उनके लेक्चर्स NPTEL और यूट्यूब पर उपलब्ध हैं, जो छात्रों के लिए एक अमूल्य संसाधन साबित हो रहे हैं। उनकी सादगी और गहरी समझ ने उन्हें छात्रों के बीच लोकप्रिय बना दिया है। जानें कैसे उनका तरीका छात्रों को प्रेरित करता है।
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प्रोफेसर बालाकृष्णन का अनूठा शिक्षण


आज के डिजिटल युग में, जहां ऑनलाइन कक्षाओं में एनीमेशन और हाई-टेक उपकरणों का उपयोग बढ़ रहा है, IIT मद्रास के प्रोफेसर वी. बालाकृष्णन एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहे हैं। पिछले 17 वर्षों से, उनके क्लासिकल फिजिक्स के लेक्चर्स यूट्यूब और NPTEL प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जो बिना किसी शोर-शराबे के छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं।


फिजिक्स का गहरा ज्ञान

प्रोफेसर बालाकृष्णन कक्षा में केवल चॉक के साथ आते हैं। उनके पास न तो नोट्स होते हैं, न लैपटॉप, और न ही कोई तैयार स्लाइड। वे सीधे हरे ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर पढ़ाना शुरू करते हैं। अगले 50 से 60 मिनट तक वे लगातार बोलते हैं, और हर कॉन्सेप्ट को इतनी सरलता और गहराई से समझाते हैं कि छात्र मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।


उनका शिक्षण तरीका 'फर्स्ट प्रिंसिपल्स' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि वे फिजिक्स की बुनियादी बातों से शुरुआत करते हैं। यहाँ कोई रट्टा नहीं, केवल तर्क और समझ का उपयोग होता है। हर फॉर्मूला और विचार इतनी स्पष्टता से जुड़ता है कि कठिन से कठिन विषय भी सरल लगने लगता है।


सरलता की महत्ता

प्रोफेसर बालाकृष्णन के लेक्चर्स की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सादगी है। जबकि आजकल महंगे कोर्स और बड़े दावों का चलन है, उनके वीडियो एक साधारण कक्षा में रिकॉर्ड किए गए हैं। फिर भी, इनकी गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट है कि विदेशी छात्रों ने भी इन्हें सराहा है। एक विदेशी फिजिक्स छात्र ने कहा कि इन मुफ्त लेक्चर्स से उन्हें हजारों डॉलर खर्च करके पढ़े गए कोर्स से कहीं बेहतर समझ मिली है।


NPTEL के माध्यम से उपलब्ध ये लेक्चर्स इंजीनियरिंग और फिजिक्स के छात्रों के लिए एक वरदान साबित हो रहे हैं। भारत के अलावा, अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों के छात्र इन वीडियोज का उपयोग कर रहे हैं। प्रोफेसर की स्पष्ट आवाज, शांत स्वभाव और गहरी समझ से यह प्रतीत होता है कि फिजिक्स का पूरा ज्ञान उनके दिमाग में पहले से ही मौजूद है।