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झारखंड के छात्र ने सीबीएसई परीक्षा में गड़बड़ियों का किया खुलासा

झारखंड के छात्र सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ियों का खुलासा किया है। उन्होंने संसदीय समिति के सामने ओएसएम प्रणाली में हुई अनियमितताओं के बारे में बताया। सार्थक ने 15 खामियों की जानकारी दी, जिसमें एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव शामिल है। इस मामले में शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से रिपोर्ट मांगी है। जानें इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।
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झारखंड के छात्र ने सीबीएसई परीक्षा में गड़बड़ियों का किया खुलासा

सार्थक सिद्धांत का संसदीय समिति में बयान


नई दिल्ली। झारखंड के छात्र सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) से संबंधित गड़बड़ियों का खुलासा किया है। उन्होंने मंगलवार को शिक्षा मामलों की संसदीय समिति के समक्ष अपनी बात रखी। सार्थक ने दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति के सामने ओएसएम प्रणाली और इसके टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं पर चर्चा की। इससे पहले, उन्होंने एक वीडियो बनाकर इन गड़बड़ियों को सार्वजनिक किया था।


सार्थक ने समिति को बताया, 'मेरे ब्लॉग के अनुसार, कम से कम 15 खामियां हैं।' उन्होंने अपने वीडियो में यह भी बताया कि कैसे एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया। इसके अलावा, स्कैनिंग की गुणवत्ता को घटाया गया और टर्नओवर की शर्तें भी बदली गईं। उन्होंने इन 15 खामियों की जानकारी संसदीय समिति को भी दी। इसके बाद, शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से कोएम्प्ट को टेंडर देने के संबंध में रिपोर्ट मांगी।


संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा, 'सार्थक ने समिति के सामने अपनी बात रखी है। अब समिति उनके उठाए गए मुद्दों और सीबीएसई के उत्तरों पर विचार करेगी।' इस समिति में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 31 सदस्य शामिल हैं। समिति ने नीट परीक्षा के पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के मामलों की भी सुनवाई की है। इस मामले में एनटीए के सदस्यों की पेशी भी समिति के सामने हुई थी। हालांकि, नीट यूजी के पेपर लीक मामले को कोर्ट में ले जाने वाले डॉक्टरों के समूह को भाजपा सांसदों ने एनटीए के सामने पेश नहीं होने दिया।