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सफलता की प्रेरणादायक कहानी: एक युवक की मेहनत और लगन

यह कहानी एक 33 वर्षीय युवक की है, जिसने इंजीनियरिंग कॉलेज छोड़ने के बाद भी हार नहीं मानी। उसने सेल्स से लेकर कोडिंग तक का सफर तय किया और आज लेंसकार्ट में सीनियर टेक के पद पर कार्यरत है। उसकी मेहनत और लगन ने उसे 1.65 लाख रुपये मासिक वेतन तक पहुंचाया है। जानें उसकी प्रेरणादायक यात्रा के बारे में।
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सफलता की प्रेरणादायक कहानी: एक युवक की मेहनत और लगन

सपनों की ओर बढ़ते कदम


आज के दौर में, जब लाखों युवाओं के लिए अच्छी नौकरी पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है, कुछ प्रेरणादायक कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि सफलता केवल डिग्री पर निर्भर नहीं करती। मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर सीखने की चाह और कठिनाइयों का सामना करने का साहस किसी भी व्यक्ति की किस्मत को बदल सकता है। ऐसी ही एक कहानी है 33 वर्षीय युवक की, जिसने इंजीनियरिंग कॉलेज छोड़ने के बाद भी हार नहीं मानी और आज देश के प्रमुख आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट में सीनियर टेक के पद पर कार्यरत हैं।


शिक्षा का सफर

दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवक का शैक्षणिक सफर अपेक्षाकृत आसान नहीं रहा। इंजीनियरिंग की पढ़ाई को बीच में छोड़ने के बाद, उन्होंने डिस्टेंस मोड से बीबीए की डिग्री हासिल की। प्रारंभिक दिनों में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए, उन्होंने कॉल सेंटर और इवेंट मैनेजमेंट जैसे छोटे कामों से अपने करियर की शुरुआत की।


आत्मविश्वास का विकास

स्वभाव से शांत और कम बोलने वाले इस युवक ने शादियों और पार्टियों में एंकरिंग का काम किया। शुरुआत में उनकी मासिक आय 5,000 से 20,000 रुपये के बीच थी। हालांकि, इस अनुभव ने उनके अंदर का डर समाप्त किया और लोगों के सामने बोलने का आत्मविश्वास विकसित किया।


सेल्स में नई सीख

2018 से 2021 के बीच, उन्होंने सेल्स इंडस्ट्री में काम किया, जहां उनकी मासिक आय 20,000 से 32,000 रुपये के बीच रही। इस दौरान, उन्होंने ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझना, बिजनेस की बारीकियों को सीखना और अपनी संवाद कौशल को सुधारना सीखा।


कोडिंग में महारत हासिल करना

2022 उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। सेल्स जॉब के साथ-साथ, उन्होंने रातों को जागकर प्रोग्रामिंग सीखी। अपनी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बहन के मार्गदर्शन में, उन्होंने फुल-स्टैक डेवलपमेंट में दक्षता हासिल की और आईटी क्षेत्र में 45,000 रुपये की मासिक सैलरी के साथ अपनी पहली नौकरी पाई।


छंटनी के बाद की मेहनत

2023 में, उन्हें एक स्टार्टअप में सीनियर इंजीनियर की भूमिका मिली, जहां उनकी सैलरी 71,000 रुपये तक पहुंच गई। हालांकि, जनवरी 2024 में आर्थिक मंदी के कारण उन्हें नौकरी गंवानी पड़ी। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और नई नौकरियों के लिए प्रयास जारी रखा।


लेंसकार्ट में सफलता

मई 2024 में, उन्हें एक प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी मिली, जहां उनका वेतन 1.15 लाख रुपये प्रति माह हो गया। इसके बाद, उन्होंने खुद को और बेहतर बनाने की चुनौती स्वीकार की और अंततः लेंसकार्ट का इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास कर लिया।


आज वह 1.65 लाख रुपये मासिक वेतन पर कार्यरत हैं और साथ ही डिस्टेंस मोड से एमसीए की पढ़ाई भी कर रहे हैं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सीखने की लगन और मेहनत के बल पर किसी भी असफलता को सफलता में बदला जा सकता है।