गोरखपुर में भारी बारिश से जलभराव, सांसद और पार्षद के बीच नोकझोंक का वीडियो वायरल
गोरखपुर में जलभराव की समस्या
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस मुद्दे पर भाजपा सांसद रवि किशन और भाजपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर तीखी बहस का मामला सामने आया है। दोनों के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में तरकुलानी क्षेत्र से जलनिकासी पर चर्चा की जा रही है।
राजनीतिक तंज का आदान-प्रदान
वीडियो में पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी रेस्टोरेंट में बैठे हुए सांसद से जलनिकासी के मुद्दे पर बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इस दौरान सांसद ने पार्षद से पूछा कि क्या वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं? इसके जवाब में पार्षद ने सांसद से पूछा कि क्या वह बसपा में शामिल हो गए हैं? यह बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, वीडियो के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि यह गोरखपुर में भाजपा के पार्षद हैं, जिन्होंने सांसद से जलभराव की शिकायत की। उन्होंने कहा कि सांसद ने पार्षद की बात सुनने के बजाय उन पर तंज कसा।
यह गोरखपुर में BJP के पार्षद हैं
इन्होंने BJP MP रवि किशन से भयंकर जलभराव की शिकायत की
सांसद जी भड़क गए और बोले: "सपा जॉइन कर लिए हो क्या?"
क्या लोग हैं? अपनी ही पार्टी के पार्षद की नहीं सुन रहे
आम जनता की क्या ही सुनेंगे
pic.twitter.com/A3gW1gZDW2— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) September 27, 2026
जलभराव की स्थिति
गोरखपुर में शनिवार को हुई मूसलधार बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम ने जलनिकासी के लिए पंप और संपवेल का उपयोग किया। सांसद रवि किशन ने मेयर और नगर आयुक्त के साथ मिलकर जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
महानगर में हुई बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए। जिला अस्पताल की ओपीडी तक पानी पहुंच गया, जिससे मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
जलभराव के कारणों का विश्लेषण
गोरखपुर में शनिवार को हुई बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कें, बाजार और सरकारी कार्यालय जलमग्न हो गए। नगर निगम ने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए सभी पंपिंग स्टेशनों को चालू किया।
रुस्तमपुर, विवेकानंदपुरी और अन्य क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
